खुर्शीद खान
सुलतानपुर, यूपी. एंटी करप्शन का आफिसर बनकर विभिन्न आफिसों में धौंस जमानें वाले फ़र्जी अफसर की जालसाजी की पोल उस वक़्त खुल गई जब वो चौपाल में नोडल अधिकारी और डीएम से उलझ गया। पकड़ा गया युवक स्वयं को सेना का जवान बता रहा। पुलिस अब आरोपी को हिरासत में लेकर इन सभी पहलूओं पर इंवेस्टीगेशन कर रही है।
चौपाल में अधिकारियों से कर बैठा अभद्रता
गौरतलब रहे कि यहां ज़िले की लम्भुआ तहसील में प्रमुख सचिव भुवनेश कुमार कुमार की चौपाल लगी थी, डीएम विवेक भी बगल की कुर्सी पर थे।
इस बीच चांदा थाने के मनापुर गांव निवासी राहुल तिवारी ने माइक हाथ में लिया और क्षेत्र में बिजली की समस्या को लेकर बोलने लगा।
अधिकारियों ने उसे आश्वस्त किया की फाल्ट दिखवा कर निजात दिलाई जाएगी, आरोप है कि इस पर भी वो माना नही और इन अधिकारियों से अभद्रता कर बैठा।
इस पर डीएम ने पुलिस को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया तो एसएचओ लम्भुआ ने आरोपी को हिरासत में लिया।
सूत्रों के मुताबिक़ हिरासत में लिए गए युवक का बीजेपी के कई विधायकों से खासा सम्बंध है।
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प्रोगाम से पहले अधिकारियों की कुर्सी पर बैठा था आरोपी
एसएचओ लम्भुआ धर्मराज उपाध्यक्ष ने बताया कि हिरासत में लिया गया युवक प्रोगाम से पहले अधिकारियों की कुर्सी पर बैठा था, उसे हटने के लिए कहा गया तो वो माना नही।
वो खुद को एंटीकरप्शन जैसी संस्था से जुड़े होने का दावा कर रहा था, और इसी नाम से उसने सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बना रखा है।
उन्होंंने बताया कि कई विभागो में उसके द्वारा डरा-धमका के अवैध कारगुज़ारी के कृत्य की बात भी सामने आई है, जिसकी पड़ताल जारी है।
आरोपी ने स्वयं को सेना का जवान बता रहा जिसके लिए सेना के अधिकारियों से बात कर जांच की जा रही है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ 151 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।



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