ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। एक युवक को अपने बड़े भाई की साली से प्यार हो गया। दोनों का प्रेम दिनों दिन परवान चढ़ता गया। लेकिन कहते हैं कि इश्क़ और मुश्क छुपाए नहीं छुपते.... ऐसा ही इस प्रेम - कथा में भी हुआ। अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को परिजनों के क्रोध का शिकार होना पड़ा। मामले की सूचना पर पहुंची डायल 100 प्रेमी को थाने पर ले आयी, जहां थानाध्यक्ष प्रियम्बद मिश्र ने दोनों पक्षों में आपसी रजामंदी के बाद प्रेमी युगल को सात जन्मों के अटूट बंधन में बांध दिया और विधिवत् हिंदू रीति रिवाज के साथ विवाह कराकर विदा करा दिया तथा नवविवाहिता जोड़े को आशीर्वाद भी दिया।
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| हुई शादी |
एक तरफ जहां प्रेम सम्बंधों के मामलों को लेकर पुलिस काफी सजग और सतर्क रहते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर देती है, वहीं जिले की मोतीगंज पुलिस ने ऐसे ही एक मामले में मुकदमा दर्ज करने के बजाय एक नज़ीर पेश की। दरअसल, पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह का फोकस इस बात पर ज्यादा है कि मामूली से लेकर बड़े और जटिल मामलों को भी पहले सुलह समझौते से खत्म कराने की कोशिश की जाय। जब सुलह की कोई गुंजाइश नजर न आए तभी मुकदमे की कार्रवाई की जाय। पुलिस कप्तान की इसी मंशा को मोतीगंज थानाध्यक्ष प्रियम्बद मिश्र अमलीजामा पहनाने में लगे हुए हैं। इसका एक और उदाहरण शनिवार को देखने को मिला, जब एसओ श्री मिश्र ने लड़की के प्रेमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पर अड़े परिजनों तथा युवक के परिजनों को बैठाकर आपसी सहमति से प्रेमी युगल की शादी की बात तय करा दी।
क्या है पूरा मामला
जिले के छपिया थाना क्षेत्र के परसा तिवारी गांव निवासी चंद्रभान तिवारी ने अपने बड़े पुत्र राहुल तिवारी की शादी मोतीगंज थाना क्षेत्र के पिपरा भिटौरा गांव निवासी बृज बिहारी मिश्र की बड़ी बेटी के साथ हुई थी। रिश्तेदारी होने के कारण चंद्रभान का छोटा लड़का सूरज अक्सर अपने भाई की ससुराल पिपरा भिटौरा आता - जाता रहता था। इस बीच सूरज को अपने भाई की साली माधुरी उर्फ लक्ष्मी से प्रेम हो गया। दोनों परिजनों की नजरों से बच - बचकर मिलने-जुलने लगे। प्यार की पींगें बढ़ने के साथ साथ दोनों की बेचैनी भी बढ़ने लगी। हालत यह हो गई कि एक-दूसरे से मिले बगैर एक पल भी रहना मुश्किल हो गया।
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| थानाध्यक्ष प्रियम्बद मिश्र |




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