Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

MLA-MP नहीं ये शख़्स, फिर भी सुबह दरवाज़े पर खड़ा होता है फरियादी, भाइया मेरे बेटा सात समंदर पार नरक की ज़िंदगी में फंस गया है उसे बचा लो


खुर्शीद खान 
वीडियो 
सुल्तानपुर, यूपी. ये शख़्स कोई अधिकारी, कोई एमएलए-एमपी नही। बल्कि एक आम सोशल वर्क हैं, लेकिन सुबह होते ही इनके दरवाज़े पर कोई न कोई फरियाद लेकर खड़ा होता है भाइया मेरे बेटा भी सात समंदर पार नरक की ज़िंदगी में फंस गया है उसे भी बचा लो। बगैर किसी उम्मीद और लालच के अब्दुल हक़ नाम का ये  शख़्स उन चेहरों पर मुस्कान लानें का बीड़ा पिछले डेढ़ सालों से उठाए हुए हैं। ख़ास बात ये के विदेशों में फंसे लोगों को दल-दल से निकालने के साथ-साथ वो लोगों को फ़साने वाले रैकेट चलाने वाले सिस्ट्म के खिलाफ भी वर्क कर रहे।


आने वाले ख़र्च को स्वयं करते हैं व्यय
जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर कादीपुर तहसील की सीएचसी कैम्पस के क्वाटर में सोशल वर्कर अब्दुल हक़ का परिवार रहता है। उनके पिता सीएचसी में ही पोस्टेड हैं। 
आमतौर से उनके दरवाज़े पर सुबह होते ही आसपास के ज़िलों के वो फरियादी मुलाक़ात को पहुंचते हैं जिनका अपना बेटा, भाई विदेश कमाने के लिए पहुंचने के बाद नरक में फंस जाते हैं। 
सबसे अच्छी बात ये के प्रशासन से लेकर मंत्रालय तक में आने वाले ख़र्च को अब्दुल हक स्वयं व्यय करते हैं। 

पैरवी कर इनके मंगाए शव
अब्दुल हक़ बताते हैं कि अगस्त 2016 में पहली बार जब वो पूर्व बसपा विधायक भगेलू राम के निवास पर थे के तब यहां सराय कल्याण गांव के दलित रूपी के परिजन मदद की आस लेकर पहुंचे थे।
यहां से उनके सोशल लाइफ की शुरुआत हुई, रूपी के परिजनों ने बताया कि जनवरी 2015 में रूपी सऊदी अरब गया था और 6 महीने बाद उसका घर वालों से कनेक्शन टूट गया था।  
अब्दुल हक़ ने इंडियन एम्बेसी से लेटर लिखकर सम्पर्क किया तो पता चला उसकी वहां मौत हो चुकी है। 
इसके बाद उसने एड़ी-चोटी का जोर लगाया, मेहनत रंग लाई और 22 दिसम्बर 2016 को सऊदी से उसका कंकाल आ गया। 

इसके बाद कादीपुर कस्बे के ज़ाहिद, कुड़वार थाने के बंधुआ कलां निवासी मोहम्मद कुर्बान और गाज़ीपुर ज़िले के खजूर गांव निवासी अजय कुमार सिंह की एक के बाद एक शव मंगवाया।

विदेशों में बंधक आधा दर्जन को अपनों से मिलाया
यही नही अखण्डनगर थाने के महमूदपुर उनुरखा निवासी सुरेंद्र कुमार, कुड़वार थाने के कटावा निवासी संदीप कुमार मिश्र और इसी थाने के इसी गांव निवासी बृजेश  मौर्य को विदेश में नरक के दल दल में फसने के बाद बाहर निकाला। 
हाल ही में दोस्तपुर थाना क्षेत्र के फिरोज़पुर खुर्द निवासी महताब आलम, लल्लू और कादीपुर कोतवाली के सलहपुर निवासी रामसिद्ध पिछले वर्ष 29 नवम्बर को मलेशिया गए थे। 
दोस्तपुर और अम्बेडकर नगर के रसूलपुर डिहवा के दो एजेंटों ने नौकरी दिलाने के लिए लाखों रूपए ऐंठें और टूरिस्ट वीजे पर भेजा, और वहां इन तीनों को बंधक बना लिया। 
अंत में परिजन अब्दुल हक से मिले और उन्होंंने जुगत कर 22 फरवरी को तीनों को अपनों से मिलाया। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे