सुनील उपाध्याय
बस्ती। आशा कर्मचारी यूनियन बस्ती मंडल की ओर से सीएमओ कार्यालय पर एक दिवसीय धरना देकर 16 सूत्रीय मागों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया। आन्दोलित आशा कर्मचारियों ने कहा कि सरकार बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि का भुगतान नही कर रही है। मजबूर होकर आन्दोलन के रास्ता चुनना पड़ा।
मुख्यमंत्री को सम्बोधित सीएमओ को सौपे ज्ञापन में बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि प्रतिमाह भुगतान करने, महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउण्ड की व्यवस्था करने, प्रसव काल में आशा कर्मचारियों की उपस्थिति की अनिवार्यता खत्म करने, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर हो रही धन उगाही पर रोक लगाने, राष्ट्रीय कार्यक्रमों में आशा कर्मचारियों की डियूटी लगाने पर अतिरिक्त भुगतान करने, न्यूनत वेतन 18000 प्रतिमाह किये जाने, आशाओं को पेंशन फन्ड व मातृत्व अवकाश दिये जाने, आशाओं के लिये गावों में ज्ञवास्थ्य केन्द्र बनवाने, आशाओं व संगिनियों को स्कूठी दिये जाने, उचित प्रशिक्षण देकर प्रमोशन किये जाने, आशाओं का उत्पीड़न रोकने के लिये उचित शिकायत प्रणाली लागू किये जाने, स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण रोके जाने तथा आशा कर्मचारियों के बीच से ही फैसिलेटर और कोआर्डिनेटर नियुक्त किये जाने की मांग की गयी है।
मंडल अध्यक्ष विमला यादव ने कहा कि आशा कर्मचारियों का शोषण, उत्पीड़न बिलकुल बर्दाश्त नही किया जायेगा। सरकार प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के बाद भुगतान करना भूल गयी है, साथ ही कई दशकों की सेवा के बावजूद आशा कर्मचारियों को बुनियादी सुविधायें नही मिलीं। जिलाध्यक्ष संजू चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री को भेजे गये 16 सूत्रीय मागों पर ठोस कार्यवाही नही हुई तो आगे की रणनीति तय की जायेगी। धरने को विमला यादव, रामअजोर यादव, कामरेड केके तिवारी, जगराम, संगीता आदि ने सम्बोधित किया। इसरावती चौधरी, शैलेन्द्री श्रीवास्तव, नीलम चौधरी, शांति देवी, कैसर जहां, चंपा देवी, शीला चौधरी, जरीना आदि मोजूद रहीं। धरने का संचालन फूलचन्द्र ने किया।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ