सुनील उपाध्याय
बस्ती। हार्ट के सफल ऑपरेशन के बाद बालक मोहम्मद कैफ(8) को नई जिंदगी मिली है। चिकित्सकों के अनुसार उसके ह्दय में जन्मजात समस्या थी, तथा पिछले कुछ दिनों से उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। आरबीएसके के जिम्मेदारों ने समय पर निर्णय लेकर उसे फोर्टिस अस्पताल गुड़गांव भेजा, जहां पर उसका ऑपरेशन हुआ।
आरबीएसके की भानपुर ब्लॉक की डा. कलीम, डा. पल्लवी, विवेक, सुनीता की टीम ने घोषण गांव में संचालित परिषदीय स्कूल के भ्रमण के दौरान बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण किया। टीम ने पाया कि यहां पढ़ने वाले बच्चे मोहम्मद कैफ पुत्र गुलाम हुसैन के दिल में सुराख है। अगर इसका इलाज नहीं हुआ तो इसका जिंदा बचना मुश्किल होगा। टीम उसे लेकर जिला अस्पताल आई तथा बाल रोग विशेषज्ञों से उसकी जांच कराकर 20 अप्रैल को नेहरू मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ के लिए उसे रेफर कराया। बच्चे के परिजन जब उसे लेकर अलीगढ़ पहुंचे तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि यहां पर वेटिंग चल रही है, तथा ऑपरेशन की डेट दो साल बाद मिल सकती है।
इधर बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इस बात की सूचना जब आरबीएसके के अधिकारियों को हुई तो उन्होंने सीएमओ डा. जेएलएम कुशवाहा से संपर्क किया तथा यह फैसला लिया गया कि ऑपरेशन के लिए बच्चे को फोर्टिस अस्पताल गुरुग्राम भेजा जाए। फोर्टिस में बच्चे की जांच के बाद चिकित्सक ऑपरेशन को तैयार हो गए। 18 जुलाई को सफल ऑपरेशन हुआ। चिकित्सकों के अनुसार मोहम्मद कैफ अब अन्य बच्चों की तरह सामान्य जिंदगी जी सकता है। आरबीएसके टीम व सीएमओ के इस प्रयास की हर ओर सराहना की जा रही है।
मोहम्मद कैफ के सफल ऑपरेशन के बाद परिवार के लोगों में अपार खुशी है। मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले कैफ के पिता गुलाम हुसैन ने बताया कि सोमवार को भी बच्चा आईसीयू में ही है। उसे लिक्विड दिया गया है। वह पूरी तरह सेहतमंद दिखाई दे रहा है।
शुभम ने खून देकर बचाई कैफ की जान
फोर्टिस अस्पताल में ऑपरेशन के लिए जब मोहम्मद कैफ को लाया गया तो चिकित्सकों ने खून की मांग की। परदेस में कैफ के परिजन खून का प्रबंध नहीं कर सकते थे। इस बात की सूचना आरबीएसके टीम को दी गई। आरबीएसके ऑफिशियल व्हाटसएप ग्रुप में भी किसी ने यह सूचना शेयर कर दी। मरवटिया टीम की डा. स्मिता ने इसे पढ़ा तो उन्होंने गुरुग्राम में नौकरी कर रहे अपने भाई शुभम से संपर्क किया। शुभम छुट्टी लेकर अस्पताल पहुंचे तथा खुद खून दिया तथा ऑपरेशन में भी सहयोग प्रदान किया। शुभम व उनकी बहन डा. स्मिता की इस बात को लेकर काफी प्रशंसा हो रही है। डीईआईसी मैनेजर मनीष मिश्रा ने बताया कि टीम फोर्टिस अस्पताल व शुभम दोनों के प्रति आभारी है।
आरबीएसके को भी जानिए
राष्ट्रीय बाल स्वास्य कार्यक्रम(आरबीएसके) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का कार्यक्रम है। इसके तहत हर ब्लॉक पर दो-दो टीमें तैनात है। टीम में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टॉफ होते हैं। यह टीम परिषदीय स्कूलों व आंगनबाड़ी का भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करती है तथा जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल लाकर उनका इलाज कराती है। गंभीर बीमारियों के मामले हॉयर सेंटर भी रेफर किया जाता है।
20 बच्चों का हो चुका है ऑपरेशन
आरबीएसके टीम के माध्यम से अब तक 20 बच्चों का हार्ट का निशुल्क ऑपरेशन हो चुका है। डीईआईसी मैनेजर मनीष मिश्रा ने बताया कि पिछले दो सालों में यह ऑपरेशन कराया गया है। आधा दर्जन और बच्चों को चिन्ह्ति किया जा चुका है। जल्द ही उनका भी ऑपरेशन करा दिया जाएगा।
मोहम्मद कैफ के हार्ट का ऑपरेशन आरबीएसके टीम की बड़ी सफलता है। समय रहते अगर उसका ऑपरेशन न कराया जाता तो बच्चे की हालत बिगड़ सकती थी। टीम समय-समय पर इस तरह के ऑपरेशन कराती रहती है।


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