अदालत ने दस हजार रुपये का ठोंका जुर्माना
खुर्शीद खान
सुलतानपुर। पत्नी की विदाई न होने से नाराज पति ने धारदार हथियार से हमला कर उसे ही मौत के घाट उतार दिया। मामले में अपर जिला जज सप्तम अजय कुमार दीक्षित की अदालत ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
आगे जाने क्या था मामला :
मामला कूरेभार थाना क्षेत्र के पूरे नीलकंठ का पुरवा-ढेसरुआ गांव से जुड़ा है।जहां के रहने वाले रामसेवक ने चार जून 2013 की घटना बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि उसकी भतीजी सुनीता की शादी घटना से करीब ढाई साल पहले आरोपी सुरजीत निवासी परसहुआ- कूरेभार के साथ हुई थी, आरोप के मुताबिक घटना के करीब 10 दिन पहले ही सुनीता ससुराल से मायके आई थी,जहां से आने के एक हफ्ते बाद ही उसका पति सुरजीत विदाई कराने के लिए अपनी ससुराल आया था ।जहां पर सुनीता की मां ने उस दिन विदाई करने से इनकार कर दिया था, बस इसी बात से नाराज सुरजीत ने गड़ासे से अपनी पत्नी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इलाज के लिए परिजन सुनीता को जिला अस्पताल ले गए, जहां पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में पहले पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया, फिलहाल तफ्तीश पूरी कर पुलिस ने हत्या की धारा में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले का विचारण अपर जिला जज सप्तम की अदालत में चला। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र सिंह ने सात गवाहों एवं अन्य साक्ष्यो को पेश किया। वही बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपने साक्ष्य पेश करते हुए सुरजीत को निर्दोष बताया एवं प्रेम प्रसंग के चलते उसके प्रेमी बंटी के जरिए ही सुनीता की हत्या करने का आरोप लगाते हुए समाज में बेइज्जती के डर से सुरजीत को फर्जी ढंग से फंसाने का तर्क रखा।उभय पक्षो को सुनने के पश्चात न्यायाधीश अजय कुमार दीक्षित ने आरोपी पति सुरजीत को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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