गोंडा :पहले आधा अधूरा इलाज .... फिर इलाज के पैसे को लेकर परिजनों की पिटाई .... भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले डॉक्टर जब हैवान का रूप धारण कर ले और कातिल बन जाए तो सोचिए क्या होगा मानवता का .... जी हां कुछ ऐसी ही बात यूपी के गोंडा से सामने आई है जहां मात्र दो हज़ार के अभाव में प्रसूता की मौत हो जाती है... सिर्फ इतना ही नहीं दो हज़ार रुपये न दे पाने के कारण नर्सिंग होम के कर्मचारी प्रसूता के परिजनों से जमकर मारपीट भी करते हैं .... मामला एक निजी नर्सिंग होम से है। जहां प्रेग्नेंट महिला का पिछले एक अक्टूबर से इलाज चल रहा था। निजी नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने लंबा बिल बनाने की फिराक में महिला को एडमिट किया और फिर प्रेगनेंसी के लिए ऑपरेशन बताया .... ऑपरेशन के लिए परिजनों द्वारा तैयार होने पर महिला को भर्ती किया गया। जिसके बाद देर रात उनसे ब्लड की मांग की गई जिस पर परिजन किसी तरह ब्लड का इंतजाम कर नर्सिंग होम पहुंचे...ऑपरेशन के बाद प्रसूता ने एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन कुछ ही देर बाद नवजात बच्चे की नर्सिंग होम में ही मौत हो गई।
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कैमरे में मारपीट की दिख रही तस्वीर इंसानियत को शर्मसार करने वाली है .... किसी की मौत पर पैसा भारी है .... जी हां एक तरफ महिला की मौत से पूरा परिवार सदमे में था और दूसरी तरफ नर्सिंग होम के कर्मचारियों द्वारा मृतक परिजनो की पिटाई संवेदनहीनता दर्शाता है।
मृत प्रसूता के भाई ने बताया कि हमारी बहन की प्रेगनेंसी का केस था जिसको हम यहां लेकर आए तो डॉक्टरों ने कहा ऑपरेशन करना पड़ेगा तो हमने भर्ती कर दिया जिसके बाद खून की मांग की गई तो हमने खून भी ला कर दिया और ऑपरेशन करने के बाद जो बच्ची पैदा हुई उसकी मौत भी हो गई। इसके बाद हमने अपनी बहन को इमरजेंसी में ही भर्ती कर दिया जिसके बाद रोज डॉक्टर कभी तीन हज़ार का तो कभी चार हज़ार का बिल बना के हमको देते रहे .... फिर एक दिन डॉक्टरों ने कहा कि अब ले जा सकते हो और उसके बाद हमको बिल बना कर दिया 20 हज़ार आठ सौ का जिस पर हम दूसरे दिन किसी तरह 20 हज़ार का इंतजाम करके लाए तब दोबारा हमको बिल दिया गया 26 हज़ार का .... काफी मान मनौव्वल के बाद डॉक्टर ने कहा कि आप 22 हज़ार जमाकर दीजिए तो दो हज़ार बाकी कर हम अपनी बहन को ले गए और जब आज टाका कटवाने पहुंचे तो दो हज़ार की मांग करते हुए डॉक्टरों ने कहा कि पहले जो बाकी है उसको दोगे तभी मरीज को हाथ लगाया जाएगा और उन्होंने मेरी बहन का टाका नहीं काटा जिसे हम वापस घर ले गए .... घर पर बहन की हालत खराब होने के बाद हम उसको वापस नर्सिंग होम में लाएं जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं इस पूरे मामले पर सीओ जटाशंकर राव ने बताया की परिजनों द्वारा अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मचारियों ने बर्बरता की है .... तहरीर के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।
एससीपीएम हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉक्टर ओ एन पांडे ने बताया की मरीज की मौत हो जाने पर परिजन आक्रोशित हो गए और मारपीट किये


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