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BALRAMPUR...एनएसएस द्वारा नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन


अखिलेश्वर तिवारी 
जनपद बलरामपुर के एमएलके पीजी कालेज में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा सोमवार को शहीद दिवस के अवसर पर नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
23 मार्च को राष्ट्रीय सेवा योजना एमएलके पीजी काॅलेज द्वारा महाविद्यालय प्राचार्य प्रो जनार्दन प्रसाद पाण्डेय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना के सरोजनी नायडू इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रमेश शुक्ल तथा कल्पना चावला इकाई के पदाधिकारी डॉ  अनामिका सिंह के संयोजकत्व मे अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव के बलिदान को शहीद दिवस के रूप में मनाया गया ।
 कार्यक्रम में युवाओं को नशा मुक्ति के प्रति रैलियां निकालकर जागरूक किया गया एवं उन्हे नशा न करने का शपथ दिलाया गया । कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन तथा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ । सरस्वती वंदना सरिता तथा पिंकी ने प्रस्तुत किया । स्वागत गीत मानसी तथा काजल ने प्रस्तुत किया। छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कार्यक्रमाधिकारी डॉ रमेश शुक्ल ने प्रसिद्ध क्रांतिकारी लाला हरदयाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला । उन्होंने शहीद भगत सिंह के द्वारा जेल में लिखे गए निबंध के कुछ अंश को छात्र छात्राओं के समक्ष पढ़ा तथा कहा कि वे इससे प्रेरणा ग्रहण करे एवं आधुनिक भारत के इतिहास की मुख्य धाराओं से स्वयं को परिचित करें। डॉ शुक्ल ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में असहयोग आन्दोलन के स्थगन के बाद क्रांतिकारी विचारधाराओं के प्रचार एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका पर अपने विचार संक्षेप में दिए ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  प्राचार्य प्रो जे पी पाण्डेय ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि हमारे देश के स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन दो प्रकार का था । एक अहिंसक आंदोलन तथा दूसरा सशस्त्र क्रांतिकारी आंदोलन । भारत की आजादी के लिए 1857-1947 के बीच जितने भी प्रयत्न हुए उनमें स्वतंत्रता का सपना संजोय क्रांतिकारियों और शहीदों में भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव का प्रमुख स्थान रहा है । आज इन्हीं शहीदों को नमन करने के लिए हम शहीद दिवस के रूप में मनाते है । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रशिक्षक माय भारत जिलेदार पाण्डेय ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के बाद आधुनिक नेताओं ने भारत के सशस्त्र क्रांतिकारी आंदोलन को दबाते हुए उसे इतिहास में  कम महत्व दिया गया परंतु हमे उनके बलिदान को कभी भूलना नहीं चाहिए । इस अवसर पर छात्र छात्राओं में मुख्य रूप से लालजी, काजल , अनिमेष , विजय, मानसी, स्नेहा, करिश्मा, सुनील रहे । इस अवसर पर डॉ अनामिका सिंह, डॉ अभय नाथ ठाकुर, डॉ ए के दिक्षित, तथा शिवम सिंह उपस्थित रहे  । कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया ।

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