15 जनवरी तक लाउडस्पीकरों के लिए लेनी होगी परमीशन
जिले में जल्द लागू होगा श्रावस्ती माॅडल, डीएम ने गठित की 37 टीमें
गोण्डा। उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के क्रम में जिलाधिकारी जेबी सिंह ने अनाधिकृृत लाउड स्पीकरों को हटवाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने बताया कि 15 जनवरी तक लाउडस्पीकर हेतु अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। सभी तहसीलों के एसडीएम को निर्देश दिए है कि पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर ऐसे स्थलों का चिन्हांकन कर लें तथा वहां लाउडस्पीकर लगाने वाले का अनुमति हेतु आवेदन भी साथ में दें दे जिसे भरकर वे उपजिलाधिकारी की संस्तुति पर लाउडस्पीकर हेतु अनुमति प्राप्त कर सकें।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलािधकारी ने बताया कि 15 जनवरी के बाद बिना परमीशन वाले लाउडस्पीकरों को हटवा दिया जाएगा तथा सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध ध्वनि प्रदूषण अधिनियाम के तहत कार्यवाही भी की जाएगी। इसके अलावा शासन के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के सभी मण्डलायुक्त, डीएम व एसडीएम 11 जनवरी को ठण्ड के दृष्टिगत बनाए गए स्थाई एवं अस्थाईरैन बसेरों तथा जलवाए गए अलावों का भौतिक सत्यापन रात्रि में करेगें और 12 जनवरी को प्रदेश की सभी तहसील मुख्यालयों पर सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में गरीबों कोनिःशुल्क कम्बल का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें सम्बन्धित तहसील के एसडीएम व तहसीलदार अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगें। जिलाधिकारी ने बताया कि ठण्ड के दृष्टिगत सरकार अत्यन्त संवदेनशील है और शासन से स्पष्ट निर्देश प्राप्त हुए हैं कि प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाय कि ठण्ड के कारण कहीं भी किसी भी व्यक्ति की मृत्यु न होने पावे। जिलाधिकारी केआहवान पर सभी एसडीएम व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों ने स्वयं के वेतन से गरीबों को निःशुल्क कम्बल बांटने की जिम्मेदारी ली है और शीघ्र ही इस अनूठी पहल के तहत गरीबों को निःशुल्क कम्बल वितरित किए जाएगें।
इसके अलावा जनपद में विवादों के निस्तारण के लिए शासन के निर्देशन में श्रावस्ती माॅडल पुनः शीघ्र ही लागू किया जाएगा। जिलाधिकाारी ने बताया कि जिले में श्रावस्ती माॅडल के तहतविवादों के निस्तारण हेतु कुल 37 टीमें बनाई गई हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन गांवों को श्रावस्ती माॅडल के तहत चयनित किया गया है उन गांवों में प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वहंा एक भी विवाद न रहने पावे अर्थात वह गांव पूरी तरह से निर्विवाद हो जाएगा। उन्होने सरकारी विभागों के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं।


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