मोजीम खान
इन्हौना ,अमेठी-विवादों से घिरे एसडीएम तिलोई अशोक कुमार शुक्ला गत सोमवार के दिन अधिवक्ताओं से फिर विरोध मोल ले बैठे।विरोध में बार एसोसिएशन तिलोई के अध्यक्ष दलजीत सिंह की अध्यक्षता में आज एक आवश्यक बैठक करके एसडीएम तिलोई के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित हुआ जिसमें निर्णय लिया गया कि जब तक एसडीएम तिलोई का स्थानांतरण यहां से नहीं हो जाता तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे इस निर्णय के पीछे अधिवक्ताओं का आरोप है कि गत सोमवार के दिन कोतवाली जायस की पुलिस ने पूरे फत्ते मजरे मवई आलमपुर निवासी लक्ष्मण वर्मा पुत्र हीरा लाल वर्मा को मिट्टी डालने के विवाद में उनको धारा 151 में तलब किया | उप जिलाधिकारी ने रात 9:00 बजे उनको अपने चेंबर में पेश करवाया उप जिलाधिकारी ने पहले तो लक्ष्मण वर्मा और दोनों जमानतदारों के साथ अमर्यादित गाली-गलौज की और अपने ही सामने पुलिस से कहा कि इस साले को थाने से 10 लाठियां मार कर लाते नहीं मारा तो मेरे सामने मारो इसके बाद एसडीएम नहीं दोनों जमानतदारों से कहा कि तुम नाबालिक हो तुमने इसकी जमानत कैसे ली तुम्हारी भूमि बंधक करवा दूंगा। बताते हैं कि इसके बाद जब लक्ष्मण के पिता हीरालाल बेल बांड भरवा कर लाए तो एसडीएम ने कहा कि पिता पुत्र एक दूसरे का कान पकड़कर उठक-बैठक लगाएं। लक्ष्मण वर्मा के अधिवक्ता सुरेश पटेल का आरोप है कि जब उन्होंने एसडीएम को टोका तो एसडीएम ने कहा कि हम ऐसा ही करते हैं। गौरतलब हो कि विवादों में रहने वाले उप जिला अधिकारी अशोक कुमार शुक्ला का आए दिन तहसील के अधिवक्ताओं से किसी न किसी बात को लेकर टकराव होता रहता है जिसके कारण न्यायिक कार्य बाधित हो जाता है बीच में पिसता है वाद कारी जिसके कारण न्याय की अवधारणा की छवि धूमिल हो जाती है।अभी अधिवक्ताओं का मामला शांत भी नही हुआ कि एस डी एम तिलोई ने पत्रकारों के लिये अशब्द भाषा का प्रयोग किया जिससे पत्रकार जगत इसकी कड़ी निंदा की है और होली का अवकाश समाप्त होने पर आर पार की लड़ाई के लिये बाध्य होगे।


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