अमेठी (यूपी). छत्तीसगढ़ के सुकमा में शुक्रवार की देर रात हुए नक्सली हमले में मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ में एसआई के पद पर तैनात अमेठी के नरैनी गांव निवासी अनिल कुमार मौर्य वीरगति को प्राप्त हो गए। शहादत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। उनकी शहादत पर गांव वालों को गर्व है लेकिन अपने लाल को खोने का गम भी।
सोशल मीडिया के जरिए हुई जानकारी
सनद रहे कि कोतवाली क्षेत्र के पूरे खोझवा मजरे नरैनी गांव निवासी अनिल कुमार मौर्य (50) पुत्र रामपियारे छत्तीसगढ़ प्रांत के सुकमा में सीआरपीएफ यूनिट नंबर 7 में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे। फ़िलवक्त वो छत्तीसगढ़ के सुकमा में तैनात थे। शुक्रवार की रात सुकमा में हुए नक्सली हमले में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान अनिल कुमार मौर्य वीरगति को प्राप्त हो गए। नक्सली हमले में अनिल के शहादत की जानकारी उनके शिक्षक भाई अजय मौर्य को मिली। जिसकी बाद में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पुष्टि की गई, और फिर परिजनों में कोहराम मच गया। डीएम शकुंतला गौतम और एसपी के.के. गहलौत ने शहीद के घर पहुंचकर हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया है।
राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गाँव में कल होगा अंतिम संस्कार
डीएम शकुंतला गौतम ने बताया कि रायपुर में शहीद के शव का पोस्टमार्टम हुआ है, शहीद का पार्थिव शरीर शाम 4 बजे रायपुर एयरपोर्ट से रवाना होगा और शाम 6 बजे लखनऊ पहुंचेगा। लखनऊ मुख्यालय पर शहीद को सलामी दी जाएगी, फिर कल सुबह 3 बजे शहीद का शव उनके पैतृक गाँव नरैनी पहुचेंगा। यहां सुबह 8 बजे राजकीय सम्मान के साथ शहीद के शव का अंतिम संस्कार होगा।
ग़ौरतलब हो कि अनिल कुमार मौर्य वर्ष 1985 में अमेठी में हुई खुली भर्ती के दौरान सीआरपीएफ में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। अनिल का परिवार नरैनी गांव में ही रहता था, वो तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं।
मुख्यमंत्री ने Tweet कर दी श्रद्धांजलि
उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर शहीद अनील कुमार मौर्य को श्रद्धांजलि दी है, साथ ही साथ शहीद जवान के परिजनों को 25 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने जनपद के प्रभारी मंत्री को शहीद के आवास पर पहुंचकर परिजनों से भेंट कर संवेदना व्यक्त करने के निर्देश भी दिए हैं।


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