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मोतीगंज के बेलगाम दरोगा के लिए मायने नहीं रखता एसडीएम का आदेश


विपक्षियों से साठगांठ कर जबरन करा दिया विवादित जमीन पर कब्जा
गोण्डा। जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सोहांस गांव में बैनामे की जमीन पर एसडीएम मनकापुर द्वारा जारी यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश मोतीगंज के एसआई अनिल कुमार मिश्रा के लिए कोई मायने नहीं रखता है। उसने एसडीएम के आदेश को भी दरकिनार कर दिया और उक्त जमीन पर पीड़ित के गांव के ही कुछ दबंगों ने हल्का दरोगा की साठगांठ से जबरन कब्जा कर लिया। डरा - सहमा पीड़ित न्याय की तलाश में अब भी अधिकारियों का चक्कर काट रहा है। 

     जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के सोहांस गांव निवासी रामसुख मिश्र पुत्र राम नरेश का कहना है कि उसने 21 जनवरी 1978 को दूधनाथ सिंह पुत्र भुलई सिंह से एक प्लाट का बैनामा कराया था, जिस पर वह लगभग 40 वर्षों से काबिज दाखिल है। पीड़ित का आरोप है कि उक्त बैनामे की जमीन पर गांव के ही कुछ दबंगों की निगाहें गड़ गयीं, जो उस पर जबरन काबिज होना चाहते थे। इसकी भनक जब रामसुख को लगी तो उसने 3 मई 2018 को एसडीएम मनकापुर के यहां प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले से अवगत कराया तथा न्याय की फरियाद की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मनकापुर ने एसओ मोतीगंज को मामले की जांचकर शान्ति व्यवस्था बनाये रखने का आदेश जारी किया, मगर उनका आदेश थाने की चौखट पर दम तोड़ दिया। आरोप है कि जब पीड़ित एसडीएम के आदेश को लेकर थाने पर गया तो एसओ ने हल्का दरोगा अनिल मिश्रा से मिलने को कहा। पीड़ित जब मिश्रा दरोगा से मिला और उन्हें एसडीएम के आदेश की प्रति देने लगा तो उसने लेना तो दूर, उसे देखना तक मुनासिब नहीं समझा। हल्का दरोगा की मिलीभगत के चलते ही 4 मई 2018 को गांव के हरीराम, रामचन्दर व हरीशचन्द्र पुत्रगण राम शंकर आदि विपक्षीगणों द्वारा कानून को ताक पर रख उक्त बैनामे की जमीन पर कब्जे की नियत से नव निर्माण किया जाने लगा, जिसे देख पीड़ित ने फिर एसडीएम मनकापुर के यहां न्याय की गुहार लगाई। इस पर एसडीएम ने एसओ मोतीगंज को नव निर्माण रोकने व यथास्थित बरकरार रखने का दोबारा हाथों हाथ आदेश भेजवाया। लेकिन वाह रे मोतीगंज की पुलिस! पीड़ित को क्या पता था कि एसडीएम का आदेश भी थाने की चहारदीवारी में बौना साबित हो जाएगा। पीड़ित का आरोप है कि जब वह एसडीएम का आदेश लेकर हल्का के दरोगा अनिल मिश्रा के पास पहुंचा तो दरोगा का तेवर काफी बिगड़ा नजर आया। कानून को अपनी जागीर समझने वाले दरोगा ने मदद करने के बजाय कहा कि इसमें मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा। दरोगा की ये बात सुनकर पीड़ित के पैरों तले से जमीन खिसक गयी। पीड़ित का आरोप है की विपक्षियों द्वारा उसे जान माल की धमकी भी दी जा रही है, जिसे लेकर वो डरा सहमा हुआ है।
        इस सम्बंध में मोतीगंज एसओ प्रियम्बद मिश्र से बात हुई तो उन्होंने बताया कि उक्त जमीन दूसरे के नाम बैनामा है जिसे राम सुख गलत तरीके से कब्ज़ा करना चाहता है। उन्होंने बताया कि रामसुख के पास बैनामे का कोई पुख्ता सबूत और कागजात नहीं हैं, जबकि विपक्षियों के पास ठोस कागजात हैं।
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