शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ ।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार के आदेशानुसार जिला कारागार में न्यायिक अधिकारी श्रीमती मधु डोगरा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट के आर डी उपाध्याय बनाम राज्य आंध्र प्रदेश में पारित आदेश के अनुपालन में महिला बंदियों एवं उनके बच्चों के स्वास्थ्य , शिक्षा , पोषण सहित उन्हें मिलने वाली निशुल्क विधिक सुविधाओं के संदर्भ में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन गया, जिसकी अध्यक्षता करते हुए श्रीमती मधु डोगरा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि महिला बंदियों के स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण कराया जाए , उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं का परीक्षण तथा इलाज जेल अस्पताल की सिफारिश पर सरकारी अस्पताल में कराया जाएगा तथा सुरक्षित प्रसव का प्रबंध किया जाएगा , विशेष आहार तथा दवाइयां दी जाएंगी उन्होंने बताया कि एक महिला की तलाशी एक महिला ही ले सकती है और तलाशी लेते समय महिला के साथ किसी प्रकार की बदसलूकी नहीं की जा सकती है , महिला बंदियों के साथ जो उनके छोटे बच्चे रहते हैं उनका भी स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से कराया जाएगा जो बच्चे स्कूल जाने लायक हैं उनको स्कूल भेजा जाएगा खर्च सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि धन की कमी या किसी अन्य कारण से जिसे वकील की सुविधाएं उपलब्ध न हो सके उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निशुल्क वकील उपलब्ध है कराया जाएगा , जिससे वह अपनी बात न्यायालय के समक्ष रख सके । शिविर में पैनल अधिवक्ता श्रीमती प्रतिभा सिंह एवं रोहित शाह ने व्यक्तिगत रूप से महिलाओं के वादो का अध्ययन किया। शिविर में महिला समाख्या से श्रीमती रीता श्रीवास्तव शिक्षक किरण गुप्ता ने व्यक्तिगत रूप से बंदी महिलाओं से शिक्षा और स्वास्थ्य पर चर्चा किया इस अवसर पर मानव सेवा ट्रस्ट के निदेशक रामप्रकाश पांडे एवं जन सेवा ट्रस्ट के निदेशक निरंजन प्रकाश तिवारी ने महिलाओं के अधिकार एवं पोषण पर विस्तार से बताया ।यह कार्यक्रम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला कारागार में निरुद्ध महिला बंदियों के लिए 17 मई 2018 से 26 मई 2018 तक 10 दिन तक लगातार चलेगा। शिविर में उप जेलर बी पी शर्मा , विनोद कुमार मिश्रा उपस्थित रहे।


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