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वजूद अपना था सब साफ आईने की तरह


मोजीम खान 
सिंहपुर,अमेठी-गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखने के लिये कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन ईद मिलन समारोह के उपलक्ष में विकास खण्ड सिंहपुर क्षेत्र के राजापुर गाँव में मनका ग्राउंड में आयोजित किया गया। जिसमें दूर दराज से कवि एवं शायर पधारे। सभी कवियों एवं शायरों ने अपने अपने अंदाज में पढ़कर उपस्थित जनता का मन मोह लिया सभी ने जमकर तारीफ के पुल  बांध दिये। अर्श रायबरेलवी ने पढ़ा वजूद अपना था सब साफ आइने की तरह, पड़े जो फिरको के पत्थर बिखर गये हम लोग, आगे उन्होंने पढ़ा हमारे मुल्क की गंदी सियासत मार डालेगी, तुम्हें सच बोलने वालों हुकूमत मार डालेगी जहा पर हक परतों की पनाहे तंग होती है, अगर कातिल से बच निकलो तो अदालत मार डालेगी। जिसको सुनकर उपस्थित श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाई। कवि मुश्ताक ने पढ़ा शाम के बाद रात होती है रात में फिर उनसे बात होती है बात सुनकर अब्बू आ जाते है फिर जूतों की बरसात होती है। आगे पढ़ा आजाद था आजाद है आजाद रहेगा, ये मुल्क आजाद था आजाद रहेगा, हिन्दू सुनो, सुनो और मुसलमान जो हमको लड़ायेगा वो बर्बाद रहेगा। को सुनाकर लोगों की खूब वाहवाही लूटी। इकरार अहमद ने पढ़ा वो कभी नहीं होता जो लिखा नहीं होता, ऐसा वैसा कुदरत का फैसला नहीं होता। जिसको लोगों ने खूब सराहा। फिरोज ने पढ़ा कोई तूफान टकराये तो हमको याद कर लेना जिसको सुनकर लोगों ने जमकर सराहना की।अकलाख ने पढ़ा ये मुंह में जुबान है साहब, झूठ सच की दुकान है साहब, नींद आती नहीं उसे रातभर जिसकी बेटी जवान है साहब। को सुनाकर सबको अपने और आकर्षित कर लिया। दिलकश सुल्तानपुरी ने पढ़ा तूझपे एतबार किये जाते है आज हद पार किये जाते है छूटकर चाहते है वो हमको, फिर भी इंकार किये जाते है। को  सुनाया लोगों की खूब वाह वाही मिली।  कवित्री कालन्दी द्विवेदी ने पढ़ा दिल में प्यार जगाने के लिये आई हूँ, मैं तो हर भेद मिटाने के लिये आई हूँ । को सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आरजू सुल्तानपुरी तेरे दिल में ठिकाना चाहती, मुहब्बत घर बसाना चाहती है। वो जब से पास आना चाहती हैबहाना ही बहाना चाहती है को सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।शमीम अख्तर ने पढ़ा जौ के उल्फत दिलों में छाया हो, चोट खा के भी मुस्कुराया हो, महजबीनो से बस वही उलझे, जिसको कुत्ते ने काट खाया हो। को सुनाकर लोगों के दिलों में जगह बना ली। मुशायरे की निजामत जुनैद सुल्तानपुरी ने निभाया तो सदारत का काम हाफिज रायबरेलवी ने किया। एक शाम रेहान सुल्तानपुरी के नाम से मुशायरा हुआ। इकरार सुल्तानपुरी, एस पी चिंतक, गौरी शंकर जिद्दी, डाक्टर मनोज सिंह चौहान, बाबू राम तिवारी, वंदना वर्मा, आदि कवि एवं शायरो ने महफिल में शमा बांध दिया। मुख्य अतिथि हाजी इम्तियाज अहमद खान लोगों को सम्बोधित करते हुआ कहा कि जब भी इस तरह के प्रोग्राम करें एक बार हम से जानकरी दे दे जो भी हमसे हो सकता है पूरी मदद की जायेगी। इस मौके पर प्रधान एकलाख, फुरकान खान चौहान, मोहम्मद जावेद, जियाउल हक,खुर्शीद अहमद, अंसार अहमद, आदिल रजा, पप्पू गुप्ता सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।

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