अखिलेश्वर तिवारी
ग्रह स्वामी व उनके दो बेटों को हमला कर किया घायल
बलरामपुर ।। नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बहेरेकुंयाँ में आज एक सनसनीखेज घटना सामने आया है । इस घटना में लगभग एक दर्जन भैंस लुटेरों ने गांव के बाहर सड़क के किनारे बांधी गयी भैसों को लेकर रफूचक्कर होने लगे तो ग्रामीण भैसों के चिल्लाने के कारण जाग गए तब तक वह अपने मिनी ट्रक में 9 भैसों को चढ़ा चुके थे। चोरों के अपना ट्रक स्टार्ट किया और फिर भागने लगे जब ग्रामीणों ने उन्हें खेदकर पकड़ने की कोशिश की तो उत्तर प्रदेश पुलिस की डायल 100 वैन ग्रामीणों के बजाय चोरों की मदद करती नज़र आई।
पीड़ित सतराम ने बताया कि बहरेकुंयाँ गांव के कयी लोगों मैं अपना घर गांव से बाहर निकलकर सड़क के किनारे बना लिया है और बरसात के कारण वहीं पर सड़क के किनारे ही अपने जानवरों को बांधते हैं और रात में उनकी रखवाली करते हैं। रोज की तरह सोमवार की रात को भी सड़क के किनारे ही तमाम जानवरों के साथ पैसों को भी बांधा गया था । उन्होंने बताया कि सोमवार को आधी रात के बाद लगभग एक दर्जन लोग डीसीएम से आए और वह अच्छी नस्ल की दुधारू भैंसों को डीसीएम पर लादना शुरू कर दिया । उस समय सतराम वसंत राम का पुत्र उदयराज पोता साधु पास में ही सो रहे थे डीसीएम पर भैंसों को लाते समय खटपट की आवाज 7 लोगों की नींद खुल गई और देखा तो कुछ लोग भी CM पर भैंसों को चढ़ा रहे थे उन लोगों ने उठकर शोर मचाना शुरू किया शोर मचाना सुनते ही लुटेरों ने सतराम तथा उनके पुत्र 1 पौधे के ऊपर हमला कर घायल कर दिया तथा डीसीएम स्टार्ट करो फरार हो गए इसी बीच सौतन कर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और कुछ लोग बाइक से डीसीएम का पीछा करने लगे तथा डायल हंड्रेड को सूचना दी गई सतराम की माने तो इस पूरी घटना में डायल हंड्रेड पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है डायल हंड्रेड की गाड़ी जमाई तो इनकी मदद करने के बजाए लुटेरों की सहयोग करती नजर आई । पीआरवी गाड़ी मे बैठे पुलिसकर्मी आसपास के थानों को सतर्क करने की जहमत नहीं उठाई । बल्कि पीछा कर रहे ग्रामीणों मे से कुछ लोगों को अपनी गाड़ी में बिठा कर आराम से डीसीएम का पीछा करने का नाटक करते रहे । पीड़ित का कहना है कि ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पुलिसवाले डीसीएम को काफी आगे निकल जाने का मौका दे रहे हैं और हुआ भी यही। डीसीएम तक पुलिस नहीं पहुंच पाई और ना ही उसने आगे के थानों को कोई सूचना दिया जिससे कि उसे आगे पकड़ा जा सके । नतीजा यह हुआ कि लुटेरे ग्रामीणों के तमाम प्रयास के बावजूद भी उनकी नौ भैंसों को लूटकर ले जाने में सफल हो गए । इस घटना पर जब हमने अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि बलरामपुर नगर कोतवाली में एक अभियोग पंजीकृत किया गया है। जिसकी हम जांच करा रहे हैं। हम जल्द से जल्द बदमाशों को पकड़ कर इस घटना का अनावरण करेंगे। इस घटना के दौरान कुछ ग्रामीणों को चोटें भी आई हैं, जो जिला संयुक्त चिकित्सालय में अपना इलाज करवा रहे हैं। यह घटना उत्तर प्रदेश पुलिस की डायल 100 के कार्यशैली और मंशा पर बड़ा सवाल खड़े करते दिख रही है। इस घटना को अगर डायल 100 की वैन चाहती तो समय रहते रोक सकती थी और ग्रामीणों के तकरीबन 5 लाख रुपये का नुकसान होने से बच्चा सकती थी।


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