मोजीम खान
सिंहपुर, अमेठी-विकास खण्ड सिंहपुर क्षेत्र के अंतर्गत गाँव में बंटने वाला बच्चों का पोषाहार इन दिनों गांवों के जानवर को खिलाते हुये ग्रामीणों द्वारा आसानी से देखा जा सकता है। बच्चों के पोषाहार में भी अब भ्रष्टाचार के दीमक लग गये है। सूबे के मुखिया माननीय योगी आदित्यनाथ के लाख कोशिशों के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी अपनी पुरानी रवैया में सुधार लाना नहीं चाह रहे है। जिसके कारण आज भी गरीब लोगों की परेशानिया कम होती नजर नहीं आ रही है। जानकारी के लिये आपको बताते चले कि शासन द्वारा गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिये हौसला पोषण योजना के अंतर्गत छह माह से लेकर तीन वर्षों के सभी बच्चों को मीठा दलिया शासन द्वारा मुहैया किया जा रहा है। लेकिन ब्लाक कर्मियों और गाँव में आँगन बाड़ी कार्यकत्री इस योजना को केवल पलीता लगा कर अपनी जेब भर रहे है। गांवों में तैनात आँगन बाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा बच्चों को मिलने वाला पोषाहार बेच कर अपनी जेबें भर रही है। इतना ही नहीं बच्चों का पोषाहार खरीदने वालों को यह बता दिया जाता है कि रात के समय अपनी बोरी लेकर चले आना और बाद में पोषाहार के पालीथीन को वापस कर देना। जिससे यह मेरे लिये सबूत के तौर पर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने के लिये रखा रहे। शेखनगाँव में आँगन बाड़ी कार्यकत्री और सहायिकों पर कार्यरत पाँच महिलाएं द्वारा बच्चों को पोषाहार न बांट कर ग्रामीणों को भेजा जा रहा है। यही हाल अन्य जगह का भी है आँगन बाड़ी कार्यकत्री द्वारा बेचा गया पोषाहार लेकर जब ग्रामीण जा रहा था तभी अचानक उसकी बोरी गिर गई और उसमें रखा पोषाहार बोरी के खुलने से बाहर आ गया। जिसे देख लोग हक्केबक्के रहे गये। और आँगन बाड़ी कार्यकत्रियों की ईमानदारी की पोल खुल गई।इस तरह से सरकार द्वारा चलाये जा रहे योजनाये कागज पर ही सिमट कर रह गई है।


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