अमरजीत सिंह
अयोध्या ब्यूरो।गत दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारी अयोध्या की तानाशाही के ज़बाब एक युवक ने आरटीआई द्वारा जानकारी मागा है। जिसमे करोड़ों रुपए की हेरा फेरी होने की संभावना लगायी जा रही है।बेसिक शिक्षा अधिकारी अमिता सिंह द्वारा पत्रकारों के प्रवेश पर लगाई गई थी।पाबंदी का विरोध करते हुए आरटीआई पत्रकार हर्ष सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से उनके विभाग में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे पुस्तक वितरण, यूनिफॉर्म वितरण, जूता मोजा वितरण एवं एमडीएम में खर्च होने वाली राशि का पूरा ब्योरा मांगा गया है I उक्त के संबंध में आरटीआई एक्टिविस्ट हर्ष सिंह का दावा है की उपरोक्त जानकारियों को छिपा कर बेसिक शिक्षा विभाग मे बहुत बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है I
जबकि उपरोक्त जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4 (1) (बी) के अंतर्गत उल्लिखित विभिन्न 16 बिंदुओं के तहत आती है एवं इन सूचनाओं को विशेष रूप से मैनुअल के रूप में प्रकाशित कर वेबसाइट पर अपलोड किया जाना प्रत्येक लोक प्राधिकरण की विधिक बाध्यता हैI सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4 (1) (बी) के बिंदु संख्या- 11 के अंतर्गत प्रत्येक लोक प्राधिकरण द्वारा उसके अंतर्गत अभीकरणो के वार्षिक आय-व्यय का उल्लेख किया जाना है I जिसमें अधिकरण में चल रही समस्त योजनाओं का विवरण, प्रस्तावित व्यय, एवं किए गए संवितरण का उल्लेख सम्मिलित है I
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4 (1) (बी) के बिंदु संख्या- 12 के अंतर्गत लोक प्राधिकरण में सहायिकी से चलाए जा रहे कार्यक्रमों का विवरण दिया जाना है I जिसमें आवंटित राशि, लाभार्थियों के ब्योरे, लाभार्थी की पात्रता, आवेदन का प्रारूप, आवेदन की प्रक्रिया, आवेदन शुल्क, अनुदान सहायता के विवरण की प्रक्रिया आदि का विवरण दिया जाना है I सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4 (1) (बी) के बिंदु संख्या -13 के अंतर्गत ऐसे प्राप्त करताओ का विवरण दिया जाना है जिनको लोक प्राधिकरण द्वारा रियायतें, अनुज्ञा पत्र अथवा प्राधिकार दिए गए हो I इन विवरणों में प्राप्त कर्ताओं के नाम व पता, कार्यक्रम का नाम, उद्देश्य, पात्रता का आधार, प्राप्त करने की प्रक्रिया, सीमा, आवेदन का प्रारूप, आवेदन शुल्क, वैधता की तारीख आदि का उल्लेख होना चाहिए I उन्होंने यह भी जानकारी मांगी है की यदि उक्त सूचनाएं विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हो तो कृपया उक्त वेबसाइट का नाम सार्वजनिक किया जाये जिससे की आम नागरिकों को विभाग के द्वारा संचालित कार्यक्रमों की जानकारी स्वतः मिल जाये I
आरटीआई एक्टिविस्ट हर्ष सिंह का दावा है की बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी छात्र संख्या दिखाकर उपरोक्त सामानों के वितरण म धांधली कीं जा रही है I उन्होंने दावा किया है की विभाग से जानकारी मिलने के उपरांत वे और उनकी टीम विभिन्न स्कूलों में जाकर बांटे गए सामानों का भौतिक सत्यापन करेंगे जिसके उपरांत उन्हें विश्वास है की बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी धन के दुरुपयोग एवं बंदरबांट को उजागर होगा।हर्ष सिंह दावा है की बेसिक शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा मिलकर बहुत सारे अध्यापकों को 5000 से10000 रुपए महीने लेकर विद्यालय में जाने से छूट प्रदान की जाती है एवं उनको पूरे महीने का वेतन निर्गत कर दिया जाता है I इस सुविधा का लाभ कई रसूखदार व्यक्तियों एवं उनकी पत्नियों को दिया जा रहा है एवं इस संबंध में आई शिकायतों को दबा दिया जाता है I इसलिए उन्होंने विभाग से विद्यालयों में तैनात अध्यापकों के नाम की जानकारी भी मांगी है I विभाग द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद उनके द्वारा ऐसे अध्यापकों के विद्यालय में जाकर उनकी उपस्थिति का सत्यापन किया जाएगा एवं ऐसे अध्यापकों के खिलाफ शासन स्तर पर शिकायत की जाएगीI
उन्होंने बताया की उनके द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर उच्च प्राथमिक विद्यालय उसरू में विज्ञान अध्यापक की नियुक्ति के लिए शिकायत दर्ज कराई गयी थी I जिसका निस्तारण करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा यह बताया गया की वर्तमान सत्र में अध्यापको के स्थानांतरण के लिए शासन से कोई दिशानिर्देश प्राप्त नहीं हुआ है एवं अगले शत्र में अध्यापक की नियुक्ति कर दी जाएगी जबकि अगस्त महीने में ही अध्यापको के स्थानांतरण उनके द्वारा किये गए है I उक्त विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे पढ़ रहे है जिनके लिए केवल एक प्रधानाध्यापक एवं एक अध्यापक की नियुक्ति की गयी है I उन्होंने बताया की शिक्षा का अधिकार अधिनियम में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है की जिलाधिकारी द्वारा जुलाई महीने के पहले अध्यापको का समायोजन कर प्रत्येक विद्यालय में छात्र संख्या के आधार पर एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में कम से कम 3 अध्यापको की नियुक्ति की जाये जिसमे एक विज्ञान अध्यापक अवश्य हो I
उन्होंने यह भी बताया की उनकी जानकारी के अनुसार विभाग के कई अध्यापकों को विभागीय अधिकारीयों द्वारा कार्यालय एवं अन्य कार्यों में लगाया गया है I उन्होंने बताया की विगत दिनों में जिलाधिकारी द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में निरीक्षण के दौरान पाया गया था की कार्यालय के कुछ कमरों का उपयोग कुछ आवांछित लोगो द्वारा आवास के लिए किया जा रहा है इससे ये प्रतीत होता है की ये विभाग नियमों एवं कानून को ठेंगा दिखा कर चलाया जा रहा है और इसीलिए उन्होंने आर टी आई के तहत जानकारी मांगी है I उपरोक्त जानकारी मिलने के बाद उनके द्वारा इस विभाग की कमियों को उजागर करते हुए साक्ष्य का परिछण करने के पश्चात दोषी लोंगो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी I
उन्होंने जनपद के अध्यापकों से अपील की है की वे गैरकानूनी कृत्यों से दूर रहे एवं अपने विद्यालय में अध्यापन कार्य करें एवं जिन अध्यापको को इसमें रूचि न हो वो इस्तीफा दे दे नहीं तो सबूत मिलने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी I


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