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बलरामपुर:घोटालेबाजों ने टेंडर में किया खेल




सदर नगर पालिका में हुआ कारनामा,टेंडर 7 सितम्बर को, काम हुआ पूरा

अखिलेश तिवारी
बलरामपुर। कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका परिषद बलरामपुर में टेंडर को लेकर अधिकारियों का एक बड़ा कारनामा सामने आया है। अधिकारियों ने ठेकेदार की मिली भगत से ई टेंडर ना निकालकर निविदा निकाली और निविदा निकलने से पहले ही शहीद स्मारक के सौन्दर्यीकरण का काम भी शुरू कर दिया। जब टेंडर निकला तो आधा काम हो चुका था। निर्माण कौन करा रहा है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। मामले पर अधिकारी जवाब तक नहीं दे पा रहे हैं।
          जानकारी के अनुसार बलरामपुर के सदर नगर पालिका क्षेत्र में चैकाने वाला मामला सामने आये हैं। नगर पालिका परिषद ई टेंडरिग करने के बजाय 29 अगस्त को जिले के एनआईसी की बेबसाइट पर नौ कामों की निविदा अपलोड कराई। नौ कामों की कुल निविदा मिलाकर 32 लाख 79 हजार 500 रूपये की है। निविदा का मानें तो आने वाले 6 सितम्बर को नगर पालिका कार्यालय से निविदा की बिक्री होगी। निविदा 7 सितम्बर को सीलबंद कर 3 बजे तक पालिका कार्यालय में जमा करना है और उसी दिन 3.30 बजे निविदा को खोला भी जाना है। टेंडर पड़ने के लिए भले ही अभी एक सप्ताह कर समय बाकी हो लेकिन नगर पालिका के अधिकारियों की मिली भगत से निविदा में शामिल शहीद चन्द्रशेखर आजाद पार्क के सौन्दर्यीकरण का काम अब अंतिम चरण में है। पार्क का सौन्दर्यीकरण 4 लाख 98 हजार रूपयों से कराया जाना है लेकिन सूत्रों की माने तो जिस तरीके से इस काम को कराया जा रहा है उसमें डेढ़ लाख रूपये का भी खर्च नहीं है। निविदा 30 अगस्त को दो अखबारों में भी प्रकाशित कराई गई है लेकिन प्रदेश के किस एडीशन में इसकी जानकारी किसी को नहीं। समाजसेवी डा. राकेश चंद्र श्रीवास्तव ने पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है। पूरे मामले को लेकर जब नगर पालिका के ईओ राकेश जायसवाल से मिलने की कोशिश की गई तो वो कन्नी काटते नजर आये। जब फोन पर बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नही उठा। शहीद चन्द्रशेखर आजाद पार्क के सौन्दर्यीकरण में घोटाले को लेकर जब जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र से बात की गई तो उन्होने भी गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि पार्क निर्माण का काम नगर पालिका ही कराएगी और इसमें कोई ठेकेदारी का काम नही है। जहां एक ओर टेंडर होने के बाद भी सालों तक काम नहीं होते वहीं योगी राज में अधिकारियों की मिलीभगत से टेंडर निकलने से पहले ही गुपचुप तरीके से काम पूरा हो गया। मामले का खुलासा होने के बाद अब देखने वाली बात है कि कार्रवाई किस स्तर पर व किस हद तक होती है। मामला प्रकाश में आने के बाद यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है तथा यहां की समाजसेवियों व गणमान्य नागरिकों ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों को सजा देने की मांग की है । गौरतलब है कि चंद्र शेखर आजाद पार्क बलरामपुर गोंडा मुख्य मार्ग पर स्थित है और इसमें शहीद चंद्र शेखर आजाद की प्रतिमा पहले से स्थापित है । पार्क के चारों ऒर बाउंड्री वाल खींची गई है । इसी बाउंड्री वाल को गिराकर पुनः नई दीवार बनाते हुए पार्क के अंदर सुंदरीकरण का कार्य किया जाना था । टेंडर के पहले आनन फानन में शुरू किए गए कार्य में पुराने दीवाल  को गिराने के बजाए उसी का प्लास्टर हटाकर दोबारा प्लास्टर चढ़ा दिया गया । जिस से साफ जाहिर होता है कि निर्धारित धनराशि में थोड़ा बहुत खर्च कर शेष रुपयों की बंदरबांट की जानी है ।

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