शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। सूबे के एसटीएफ के आईजी के अचानक रविवार की दोपहर जिले के लालगंज कोतवाली आ धमकने से महकमे मे हडकंप मच गया। जिले मे प्रधान बंदी रक्षक हरि नारायण त्रिवेदी की जघन्य हत्या को लेकर एसटीएफ की जारी माथापच्ची के बीच एसटीएफ के आईजी का अचानक एसपी एस आनंद तथा एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेन्दु के साथ टीम को लेकर कोतवाली पहुंचना बंदी रक्षक हत्याकांड के स्थानीय क्षेत्र मे किसी क्लू की चर्चा की सरगर्मी दे गया।
हालांकि आईजी अमिताभ एस ने औपचारिक वार्ता के तहत यह कहा कि वह कोतवाली मे सामान्य पुलिस रूटीन के कार्य देखने आये थे। अपनी तरफ से घटना को लेकर प्रतिक्रिया देने से जरूर बचते दिखे। किंतु आईजी ने कोतवाली मे एक बंद कमरे मे जिस तरह से गुप्तगू की और लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अपराधियों का अभिलेखीय इतिहास खंगाला वह एसटीएफ की यहां धमक को लेकर लोगों के जहन मे बंदी रक्षक हत्याकांड को लेकर कई सवाल की सरगर्मी दे गया है।
आईजी के निकलने के बाद एसपी एस आनंद ने भी कोतवाली महकमे के साथ एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेन्दु को लेकर बंद कमरे मे करीब आधे घंटे तक आपसी गुप्तगू भी करते हुये स्थानीय क्षेत्र मे प्रचलित अपराधियो की गतिविधियो पर पुलिसकर्मियो को कार्रवाई के लिए हडकम्प का माहौल भी दे गया। इधर एसपी ने कोतवाली मे आपराधिक गतिविधियो पर भी नजर डाली और हाल ही मे नगर के एटीएम वन मे चोरी के प्रयास तथा मोबाइल शॉप मे चोरी की घटना समेत कुछ गंभीर वारदातो पर अपनी भृकुटी भी तानी।
नगर मे चोरी की वारदातो को लेकर घटना के दिन गश्त मे लापरवाही को लेकर तैनात सिपाहियो पर भी एसपी की गाज गिर गई और कोतवाली मे तैनात आरक्षी कुलदीप यादव तथा शशिकांत यादव को लाइन हाजिर किये जाने का फरमान भी सुनाया। यही नही कप्तान की नाराजगी देख कोतवाली प्रशासन ने लाइन हाजिर दोनो सिपाहियो को फौरन रिलीव भी कर दिया। इस दौरान सीओ ओपी द्विवेदी तथा प्रभारी कोतवाल कृपाशंकर राय ने पुलिस उपाधीक्षक को वांछित सूचनायें प्रदान की गई!

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