शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ । गौरीगंज और जंघई के बीच इलेक्ट्रिक लाइन को फिटनेस देने निकले मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश पाठक की स्पेशल ट्रेन प्रतापगढ़ में नहीं रूकी।जिससे इलेक्ट्रिक इंजन शेड के भवन के उद्घाटन की तैयारियां धरी रह गई। हजारों रुपये पानी की तरह बहाकर की गई तैयारी पर पल भर में पानी फिर गया। उनके स्वागत में पलके बिछाए कर्मचारियों को निराश होना पड़ा। हालांकि गौरीगंज और जंघई के बीच उन्होंने इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रायल किया।
इसके बाद फिटनेस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।आयुक्त को दोपहर में 12 बजे प्रतापगढ़ आना था। लेकिन उनकी स्पेशल ट्रेन करीब दो बजे पहुंची। शेड की तैयारियों में कई दिनों से जुटे कर्मचारी फूल माला लेकर खड़े थे। फाटक पार करके ट्रेन आगे आई तो स्वागत को लोगों की भीड़ जमा हो गई।तभी स्पेशल ट्रेन की अचानक बढ़ रही औऱ वह बनारस की तरह बढ़ गई। लोग उसको जाते हुए निराश भाव से देखते रहे। शेड भवन को दुल्हन की तरह सजाया गया था। सूत्रों की मानें तो काफी खर्चा हुआ था। आयुक्त की तरह से देरी हो गई। सेफ्टी के लिहाज से गौरीगंज से प्रतापगढ़ का विधिवत निरीक्षण हुआ। लेट होने की प्रमुख वजह यही रही।
उन्होंने बताया कि शैलेश कुमार पाठक मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा गौरीगंज से जंघई तक रेल विद्युतीकरण खंड का निरीक्षण किया गया । निरीक्षण प्रातःकाल 10.15 बजे विधिविधान से पूजा पाठ उपरांत गौरीगंज से प्रारंभ हुआ व अमेठी प्रतापगढ़ बादशापुर सेक्शन होते हुये सांयकाल 6 बजे जंघई में समाप्त हुआ। जिसके पश्चात साढे छ: बजे विद्युत इंजन युक्त सीआरएस ट्रेन का गौरीगंज तक स्पीड ट्रायल किया गया ।
इस मौके पर रेल विकास निगम लिमिटेड के डायरेक्टर प्रोजेक्ट विजय आंनद प्रमुख अधिशासी निदेशक डी सी पांडेय मुख्य परियोजना अधिकारी रेल विकास निगम लिमिटेड संजीव सहगल अपर मंडल रेल प्रबंधक काजी मेराज अहमद समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे । गौरतलब है कि इस दौरान प्रतापगढ़ में सेफ्टी का तनिक भी ध्यान नहीं रखा गया। सीआरएस स्पेशल के सामने ही छुट्टा जानवर आ गये। लोग बंद क्रासिंग को पार कर रहे थे। वहां खड़ा आरपीएफ का सिपाही उनको रोक भी नहीं रहा था।


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