■ बेलहर कला ब्लाक के दो परिषदीय विद्यालय में जाने का नही है मार्ग
■ बरसात के मौसम में कीचड और पानी में होकर जाने को मजबूर है बच्चे
बनारसी चौधरी
बेलहर/संतकबीर नगर। डीएम अंकल प्लीज मेरे स्कूल पर जाने का रास्ता बनवा दीजिए।यह मांग बेलहर ब्लाक में स्थित प्राथमिक विद्यालय पवरिहां और बसहियां के बच्चों का है। स्कूल तक जाने के लिए कोई रास्ता न होने से बच्चे कीचड और झाड झंझाड के बीच होकर जाने को मजबूर हैं।
प्राथमिक विद्यालय पवरिहा का निर्माण हुए 20 वर्ष से भी अधिक हो गएं हैं ।क्षेत्र का अच्छा विद्यालय होने के कारण इसे अंग्रेजी माध्यम बना दिया गया है।इस विद्यालय पर अच्छी पढाई की बजह से अगल बगल के बच्चे भी शिक्षार्जन के लिए आते हैं।मौजूदा समय में इस विद्यालय पर पंजीकृत बच्चों की संख्या भी ढाई सौ से अधिक है।इन्हें शिक्षा देने के लिए इंचार्ज प्रधानाध्यापक दुर्गेश कुमार पाठक के साथ तीन अन्य शिक्षक और एक शिक्षा मित्र मौजूद हैं।
इसी ब्लाक में स्थित प्राथमिक विद्यालय बसहिया में 72 बच्चे पंजीकृत हैं यहां एक इंचार्ज प्रधानाध्यापक के साथ एक शिक्षा मित्र मौजूद हैं।इन दीनों परिषदीय विद्यालयों पर बच्चों अभिभावकों और शिक्षको को स्कूल तक पहुचने के लिए सडक नही है।स्कूलों पर जाने के लिए किसी प्रकार का मार्ग न होने से बच्चे पकडंडी और मेडों से होकर जाते है लेकिन इस समय इन पकडंडी और मेडों पर भी काफी झाड झंझाड लगा हुआ है जिससे बच्चे वहा से निकलने से घबराते हैं। दोनों गांवों के ग्रामीणों और शिक्षकों द्वारा कई बार रास्ते के लिए शिकायती पत्र दिया गया पर सब ठंढे बस्ते में पहुंच जाता है।
एक विद्यालय में कागज में रास्ता तो दूसरे पर नही
प्राथमिक विद्यालय पवरिहां पर जाने के लिए गांव के नक्से में रास्ता मौजूद है और मुख्य मार्ग से स्कूल तक बंजर भूमि भी उपलब्ध है लेकिन बंजर भूमि और चकरोड दोनों पर ग्रामीणों का कब्जा है वहा चकरोड अब खेत बन चुका है।ग्राम पंचायत बसहिया के प्राथमिक विद्यालय पर जाने के लिए कागज में रास्ता ही नही है गांव के ही एक ब्यक्ति द्वारा जमीन देकर विद्यालय बनवाया गया था पर वहा जाने के लिए रास्ता निकालना ही भूल गए अब अगल बगल की जमीनों पर लोग खेती बारी करते हैं और बच्चों के जाने के लिए मेड ही सहारा है।
क्या कहते है ग्रामप्रधान
पवरिहां के ग्राम प्रधान रामकृपाल पाल ने बताया कि स्कूल के रास्ते के लिए कार्ययोजना दी गई है लेकिन अभी रास्ता कहा है यह पता नही है जिसके लिए तहसील प्रशासन से कहा गया है जैसे ही रास्ते की जगह फाइनल होगा रास्ता बनवा दिया जाएगा।वही बसहिया की ग्राम प्रधान प्रीती यादव ने कहा जहा तक सडक क्लीयर है वहा तक खड्न्जे की कार्ययोजना दी गई है स्कूल का रास्ता अगर प्रशासन क्लीयर करवाता है तो उसे भी बनवा दिया जाएगा।
चापाकल से पानी पीते है बच्चे
बेलहर विकास खण्ड के ग्रामपंचायत लोहरौली में स्थित प्राथमिक विद्यालय निबियहवां के बच्चे दूषित जल पीने को मजबूर हैं।सरकार जहां स्वच्छ भारत और स्वस्थ्य भारत के लिए लाख प्रयास कर रही है वही सरकार के प्रयास को ब्लाक कर्मी और प्रधान धुमिल करने पर लगे हुए हैं।इस प्राथमिक विद्यालय में 70 से अधिक बच्चे नामांकित हैं और इस विद्यालय पर छात्र उपस्थिति भी अच्छी रहती है पर इन छात्रों को अभी भी चापाकाल से पानी पीना पडता है ।इस विद्यालय पर इण्डिया मार्का हैण्डपंप नही है।
इन दोनों विद्यालयों के रास्ते की ब्यवस्था की एसडीएम मेहदावल को जल्द से जल्द करवाने के लिए कहता हूं ।जो भी कब्जा किए हुए है उसे खाली करवा करवाया जाय और उसे व्यवस्थित किया जाय।
रवीश कुमार गुप्ता
डीएम संतकबीरनगर


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