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गोण्डा:चीन से दुनियाभर में फैल रहे कोरोना वायरस से दहशत की स्थिति बनी हुई है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस से बचने के लिए लाखों करोड़ों रुपये खर्च कर प्रचार-प्रसार कर लोगो को जागरूक करने के लिए जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 2 अप्रैल तक सभी स्कूल बन्द रखने फरमान भी जारी कर दिए लोगो को भीड़भाड़ जगह से दूर रहने के लिए कहा है और उन्होंने यह भी कहा है की किसी तरह की प्रदूषण न फैलने पाए तो वही दूसरी तरफ गोंडा जिले में दतौली चीनी मिल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाती नजर आ रही है, चीनी मिल के बगल से होकर वन रेंज सादुल्लाहनगर के जंगलों के बीच से होकर,तिंन्नहवाघाट,ककरघटा,सिंगारघाट,गायघाट,होकर कुवानो नदी में मिलान करने वाली विशुही नदी में लगातार दो साप्ताह से धड़ल्ले से दतौली चीनी मिल द्वारा खुलेआम विषैले दूषित पानी डालकर नदी को दूषित किया जा रहा है।
वही नाम न बताने की शर्त पर मिल के ही एक कर्मचारी ने बताया कि जांच करने वाली टीम आने से पूर्व आने की गोपनीय सूचना मिल प्रशासन को उपलब्ध करवा देती है जिससे मिल प्रशासन द्वारा नदी में किए गए प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मिल परिसर में लगे बड़े-बड़े मोटरों से अत्याधिक पानी नदी में डालकर गंदगी को बहा दिया जाता है|
बताते चलें कि चीनी मिल के बायो कंपोस्ट प्लांट में पूर्व में जहरीले द्रव्योँ के संपर्क में आने के कारण कई पालतू जानवरों सहित कई पंछियों की अकाल मौत हो गई थी|
सूत्रों की माने तो कई वर्ष पूर्व जहरीले केमिकल युक्त प्रदूषित पानी पीने से नदी के किनारे रहने वाले किसानों के न सिर्फ गाय,भैंस की मौत हुई है बल्कि जंगली जानवर नीलगाय,हिरन की भी मौत हो चुकी है। दूषित पानी के गंध से राह चलना दूभर हो गया है, लेकिन तब भी मिल प्रबन्ध सबक नही सीख रहा। लगातार बिषैले पानी छोड़े जाने से नदी की जलीय जीव मरकर साफ हो रही है।
सिंगारघाट पुल पर रोजाना काफी संख्या में लोग सुबह सैर के लिए आते हैं,लेकिन इस तरह के प्रदूषण से उन्हें असुविधा होती है और लोग यहां आने से कतराने लगे हैं। जिससे कोरोना वायरस व सांस की बीमारी की आशंका से लोग चिंतित हैं। इसे लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और विभाग के अधिकारी आंखे मूंदे बैठे हैं। वहीं, स्थानीय निवासी इसे लेकर जागरूक हैं और वे इसकी शिकायत भी कर रहे हैं। लोगों के अनुसार,ऐसा लंबे समय से होता आया है,लेकिन योगी सरकार के सख्त आदेश के बावजूद इस पर ध्यान नहीं दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
दतौली चीनी मिल के दूषित पानी से नदी की मछ्ली मरी ठेकेदार का हुआ भारी नुकशान|
ठेकेदार दुर्गा पटेल ने बताया कि वन विभाग से नीलामी हुई थी इसकी जो तिंन्नहवा घाट से सिंगारघाट इसका ठेका 41 हजार 800 रुपये में लिया था लेकिन दतौली चीनी मिल द्वारा विषैले पानी डालकर नदी को दूषित कर दिया गया है जिससे नदी की सारी मछली मरकर साफ हो गई है। जिससे लगभग 1 लाख पचास हजार रुपये का नुकसान हुआ है। जिसकी शिकायत पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से कर दिया हूँ।
वही मनकापुर चीनी मिल के अधिशासी अध्यक्ष ने समस्त आरोपों का सिरे से खंडन किया है|

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