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सरहदी बाजार फरेन्दी तिवारी से खरीदारी पर नेपाली प्रशासन ने लगाई रोक



उमेश तिवारी

महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा के सोनौली कोतवाली क्षेत्र में स्थित फरेन्दी तिवारी बाजार में आज सन्नाटा छाया हुआ है। नेपाली प्रशासन ने भारतीय सीमा के भीतर फरेन्दी तिवारी बाजार तक नेपाल से बाजार करने आने वाले लोगों को पूरी तरह से रोक दिया है। जिसके कारण भारतीय सीमा में स्थित रोजमर्रा का सामान बेचने वाले व्यापारियों सहित आम लोगों में काफी आक्रोश है। रोक को लेकर नेपाली सीमा में कुछ लोगों ने हंगामा भी मचाया है।



जानकारी के मुताबिक भारत- नेपाल सीमा से सटे सोनौली कोतवाली क्षेत्र के फरेन्दी तिवारी बाजार में सप्ताह के शनिवार और बुधवार 2 दिन बाजार लगता है । यह ग्रामीण बाजार है। इस बाजार में नेपाल की बुटवल से लेकर तराई क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा का आवश्यक सामान खरीदने के लिए आते हैं।


 

बता दें कि फरेन्दी तिवारी का यह बाजार उस समय से लग रहा है जब सीमा से सटे नेपाल के पक्लिहवा में ब्रिटिश सेना का कैम्प हुआ करता था। यह बाजार सिर्फ ब्रिटिश सैनिकों के लिए खोला गया धा।



 यहा एक छोटी भंसार ( कस्टम) भी था। खरीदारी करने वाले लोग यहां बाजार करते थे और नेपाल कस्टम को राजस्व  देकर सामान ले जाते थे। लेकिन जब से सोनौली से सटे नेपाल के बेलहिया में भैरहवा भंसार ( कस्टम ) कार्यालय बना तब से फरेन्दी तिवारी बाजार से नेपाल कस्टम के राजस्व की चोरी होने लगी। नेपाली राजस्व घटता गया। 



यह बाजार मुख्य रूप से तस्करों का गढ़ माना जाता है। इतना ही नहीं इस बाजार के रास्ते से देश विरोधी तत्वों के आने जाने की संभावना भी बनी रहती है। इस रास्ते से कई बार अवैध रूप से घुसपैठ करते हुए कई विदेशी नागरिक पकड़े भी जा चुके हैं।



लेकिन इधर कुछ दिनों से रूपंदेही जिले की नेपाली प्रशासन इस रास्ते से बड़े पैमाने पर तस्करी और कस्टम राजस्व की चोरी को लेकर सख्त हुआ है। 



इस संबंध में नेपाल रूपंदेही जिले के सीडीओ भरत मणि पांडे का कहना है की फरेन्दी तिवारी बाजार से खरीदारी करने वाले नेपाली व्यापारी या नागरिकों से भंसार (कस्टम) राजस्व का नुकसान हो रहा है। 



इस लिए वहां सख्ती बरती गई है। उन्होंने कहा कि सूचना यहां तक है कि इस बाजार के रास्ते नेपाल से भारत और भारत से नेपाल प्रतिदिन करोड़ों रुपए के माल सामान की तस्करी होती है। जिससे भैरहवा भंसार ( कस्टम) कार्यालय को राजस्व का करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।



उन्होंने कहा कि जो भी व्यापारी या नागरिक भारत में सामान खरीदकर नेपाल आता है उसे भैरहवा कस्टम कार्यालय पर उक्त सामानों की जांच करानी चाहिए।और जो भी सरकारी राजस्व बनता है ,उसे जमा कर रसीद प्राप्त करना चाहिए।

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