राकेश गिरी
बस्ती : हम प्रकृति के जितना निकट आयेंगे उतना ही नैचुरोपैथी को समझना आसान होगा। आज तमाम प्रकार के रोग, तनाव आदि का कारण प्रकृति से दूरियां हैं। योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अपनाकर हम प्रकृति के निकट रहकर जीवन जीने की वास्तविक कला सीख सकते हैं। यह बातें इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन के कोर कमेटी सदस्य डा. संजीव पाण्डेय ने कहीं। वे स्थानीय राजकीय कन्या इण्टर कालेज के प्रेक्षागृह में प्राकृतिक तरीके से दर्द निवारण विषय पर आयोजित एक कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने आगे कहा कि हमारा स्वस्थ रहना सिर्फ हमारे लिये नही बल्कि समाज के लिये भी जरूरी है।
एक व्यक्ति बीमार होता है तो पहले उसका परिवार और बाद में समाज प्रभावित होता है, ऐसे में खुद को स्वस्थ रखकर हम समाज की सेहत का भी ख्याल रख सकते हैं। उन्होने प्राकृतिक तरीके से दर्द निवारण के कई उपाय बताये। साथ ही यह भी कहा कि गंभीर रूप से बीमार लोगों को कभी इस बात का अहसास न होने दें कि वे गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हे साहस दें और अपने बीच का हिस्सा बनायें। डा. पाण्उेय ने कहा कि देशवासियों को चिकित्सा की प्राकृतिक विधा से जोड़ने के लिये आईएनओ का गठन किया गया है। बहुत कम समय में देश के तमाम हिस्सों में प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में रूचि रखने वाले लोग जड़े हैं और संगठन को आमजन के लिये उपयोगी बना रहे हैं।
इससे पूर्व कालेज की छात्राओं ने सरस्वती वन्दना व स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने दीप जलाकर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईएनओ बस्ती के संरक्षक अखिलेश दुबे, आर्य समाज के प्रधान एवं भारत स्वाभिमान के मुख्य संयोजक ओमप्रकाश आर्य, संकल्प चैरिटेबुल ट्रस्ट के संरक्षक राजेन्द्रनाथ पाण्डेय, गणध्वज पांडे, मो. शकील ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया और प्राकृतिक चिकित्सा के लाभ बताये। ओमप्रकाश आर्य ने अतिथियों को पुस्तक भेंट की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक एवं नैचुरोपैथी के असोसिएट प्रोफेसर डॉ नवीन सिंह ने दर्द निवारण के अनेक तरीके सुझाये और लोगों को नैचुरोपैथी को बपने जीवन में उतारने को प्रेरित किया। अध्यक्षता कर रही राजकीय कन्या इ.का. की प्रधानाचार्या नीलम सिंह ने प्राकृतिक चिकित्सा के विस्तार पर जोंर दिया। कार्यक्रम का संचालन अशोक श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर पंकज त्रिपाठी, बृहस्पति पांडेय, सुभाष आर्य, सत्येंद्र आर्य, जेपी सिंह, निर्मला श्रीवास्तव, डा. शचि श्रीवास्तव, डा. प्रिया, अविनाश श्रीवास्तव, साधना श्रीवास्तव, राजेश कुमार गिरि, रवीन्द्र कुमार गिरि, डा. तुलसी प्रसाद आदि के साथ विद्यालय की शिक्षिकायें व छात्राएं भी उपस्थित रहीं।


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