अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के एमएलके पीजी कालेज में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्राचार्य प्रो जनार्दन प्रसाद पाण्डेय के निर्देशानुसार तथा सरोजनी नायडू इकाई, कल्पना चावला इकाई तथा डाॅ कलाम इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ रमेश कुमार शुक्ल, डाॅ अनामिका सिंह के संयोजकतव मे स्वामी विवेकानंद की जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के झणडेवाला पार्क मे किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो जनार्दन प्रसाद पाण्डेय तथा विशिष्ट अतिथि मुख्य नियंता प्रो वीणा सिंह तथा आ क्यू ए सी के कॉर्डिनेटर प्रो श्री प्रकाश मिश्र थे । कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक मंगलाचरण, सरस्वती वंदना ; मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन से हुआ । कार्यक्रम के प्रारंभ मे डाॅ रमेश कुमार शुक्ल डाॅ अनामिका सिंह तथा डा जितेन्द्र भट्ट के नेतृत्व स्वयंसेवक तथा स्वयं सेविकाओं की एक रैली निकाली गई। तत्पश्चात डाॅ रमेश कुमार शुक्ल के नेतृत्व मे राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व की जानकारी संक्षेप मे छात्र छात्राओ तथा स्वयंसेवक एवम स्वयंसेवीकाओ को दी । डाॅ शुक्ल ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व एवम कृतित्व पर प्रकाश डाला । मुख्य अतिथि के रुप मे अपने सम्बोधन मे प्राचार्य प्रो जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ने अमेरिका के शिकागो मे वर्ष 1893 मे वर्ल्ड पार्लियामेंट आफ रिलीजन मे विवेकानंद द्वारा दिए गए भाषण को भारत के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बतलाया । प्राचार्य ने छात्र छात्राओं तथा स्वयंसेवक एवं स्वयं सेविकाओं से कहा कि वे विवेकानंद साहित्य का अध्ययन करे, इससे प्रेरणा ग्रहण करे तथा इस संबंध मे जागरूकता का प्रचार करे । प्राचार्य ने विवेकानंद के चिंतन मे सामाजिक समरसता विषय पर संक्षेप मे अपने विचार प्रस्तुत किए । प्राचार्य ने स्वयंसेवक व स्वयं सेविकाओं तथा छात्र छात्राओं से कहा कि वे विवेकानंद साहित्य का अध्ययन करे तथा इससे प्रेरणा ग्रहण करे । मुख्य नियंता प्रो वीणा सिंह ने अपने संबोधन मे उन्नीसवी सदी के उत्तरार्ध मे भारत मे हुए सामाजिक तथा धार्मिक आंदोलन की चर्चा संक्षेप की। उन्होने स्वामी विवेकानंद के गुरू रामकृष्ण परमहंस के व्यक्तित्व एवम कृतित्व पर प्रकाश डाला तथा स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व निर्माण मे रामकृष्ण परमहंस के अमूल्य योगदान की चर्चा की । प्रो वीणा ने भारत की उपनिषद कालीन गुरू शिष्य परंपरा की चर्चा संक्षेप मे की तथा इसे पुनर्जीवित करने की बात कही । प्रो श्री प्रकाश मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने उपनिवेश काल मे भारत की गरीबी , अशिक्षा , अंधविश्वास , स्वास्थ्य, रोजगार के विरूद्ध युवाओं को अपनी सकारात्मक उर्जा लगाने की बात कही थी । प्रो मिश्र ने विवेकानंद के चिंतन मे सेवा भाव विषय पर अपने विचार संक्षेप मे प्रस्तुत किए। इस अवसर पर युवाओं की शिक्षा और रोजगार , सामाजिक समरसता , आर्थिक विकास , पर्यावरण आदि विषयो पर छात्र छात्राओं द्वारा वाद विवाद प्रतियोगिता , निबंध प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य शिक्षक डाॅ ए के दीक्षित, डाॅ आशीष कुमार लाल, डाॅ अभय नाथ ठाकुर, डाॅ विनीत कुमार, सिहरा मोहंता उपस्थित थे।
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