satyendra khare
यूपी के कौशांबी से इंसानियत को शर्मशार कर देने वाली दूसरी तस्वीर सामने आयी है। जिसमे एक मानसिक बीमार शख्स को उसके अपनों ने ही जेल से बदतर सजा देकर इंसानों की भीड़ में अकेला छोड़ दिया है, जब पीड़ित शख्स को उसके अपनों की सबसे ज्यादा जरुरत है | ...... इन तस्वीरों को गौर से देखिए पैरो में पड़ी बेड़ियां किसी सजायाफ्ता मुजरिम की तरह दिखाती है, जो अमूमन जेल की सलाखों के पीछे गंभीर और खूंखार मुजरिम को दी जाती है |
सैनी कोतवाली के सिराथू रेलवे स्टेशन पर इस को पिछले कई दिनों ने हर आम और ख़ास आदमी रेलवे ट्रैक के पास ही भटकता देख रहा है, लेकिन किसी ने भी उसकी हालत पर अपने रहम का मरहम लगाने की हिम्मत नहीं जुटा सका | इंसानों की भीड़ में सड़क पर लावारिस की तरह मानसिक बीमार शख्स कभी सड़क पर आने जाने वाले लोगो ने कुछ खाने को मागता है तो कभी वहां ड्यूटी पर तैनात खाकीधारी सिपाही और होम गार्ड से .... लेकिन इस शख्स पर किसी को तरस नहीं आती | पैरो में लोहे की मोटी बेडी इस इंसान की जिन्दगी को बद से बदतर बना रही है |
जुल्म के पीछे की कहानी आपको झकझोर कर रख देगी। बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले अपना मानशिक संतुलन खो बैठे इस सख्स के पैरों में बेड़ियां किसी और ने नही बल्कि उसके अपनो ने ही जकड़ कर इसे मरने के लिए रेलवे स्टेशन पर छोड़ रखा है। हैरानी की बात तो यह है कि जिस रेलवे क्रासिंग के ट्रैक पर यह सख्स सुबह से शाम तक मौत के साए में भटकता रहता है, उसी रास्ते से जिले के तमाम जिम्मेदार अधिकारी भी गुजरते है, लेकिन किसी ने इसे बेड़ियों से आजाद कराने और अस्पताल तक पहुंचाने की अपनी जिम्मेदारी नही उठाई।
इलाहाबाद-मिर्जापुर के बीच जिगना थाना-गांव का रहने वाला युवक राजेश कभी रेलवे में ठेकेदारी का काम किया करता था। बीते कुछ माह पहले जब उसकी मानशिक संतुलन बिगड़ी तो वो हिंशक रूप अख्तियार करने लगा। ऐसे में परिवार के लोग उसका इलाज कराये जाने के बजाए उसे उसके पैरों में बेड़ियां डाल उसे छोड़ दिये। राजेश भटकता भटकता कौशांबी के सिराथू रेलवे स्टेशन पहुंच गया, जहाँ मौत के साये में वो दिन रात भटकता रहता है।
इस मामले में एसपी कौशाम्बी अशोक कुमार पांडेय के मुताबित एक इंसान को बेड़ियों में जकड कर लावारिस छोड़ने का मामला संज्ञान में आया है सैनी पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वह पीड़ित को सुरक्षित करे और उसे उसके घर तक पहुंचकर इलाज की व्यवस्था कराये ।

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