गोण्डा। भैंस के दूध का इंजड़ी खाने से एक गांव के 52 लोग उल्टी-दस्त का शिकार होने से गांव में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में लोगों को सीएचसी बभनजोत में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के बाद लोगों को छुट्टी दी गयी।
बताते चले कि रविवार को देर सायंकाल थाना खोड़रे के खम्हरिया गांव में एक व्यक्ति की भैंस ने बच्चा दिया था। भैंस के दूध से इंजड़ी बना कर गांव में बांटा गया जिसके खाने से 42 लोग बीमार हो गये। देखते-देखते लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गया जिससे हड़कम्प मच गया। लोगों को आनन-फानन में सीएचसी पर भर्ती कराया गया। वही फूड प्वाजनिंग की सूचना जिले पर आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के लिए रवाना कर दी गयी थी, जहाँ पहुंचने के बाद गांव में दवा का छिड़काव व टीकाकरण किया गया।
प्रभारी चिकित्साधिकारी जय प्रकाश वर्मा ने बताया कि पीड़ितों में सबसे अधिक बच्चे शामिल है। पीड़ितों में अधिकांश का उपचार कर छुट्टी दे गयी थी लेकिन आधे दर्जन लोगो का रात्रि में इलाज जारी रहा जिन्हें प्रातः छुट्टी दे दी गयी।
बताते चले तहसील मनकापुर के अन्तर्गत बभनजोत एक विकास खण्ड है जो बस्ती जनपद के सीमा से सटा हुआ है। जिसकी मुख्यालय से दूरी लगभग 75 किमी है। इस क्षेत्र में यदि कोई बड़ा हादसा हो भी जाता है तो मुख्यालय पहुंचते-पहुंचते उसका बचना मुश्किल होता है। ऐसे में यदि बभनजोत सीएचसी पर ही इन पीड़ितों का इलाज नही होता और सीधे मुख्यालय भेजा जाता तो दो चार लोगों का मरना तय था।
ये हुए पीड़ित
सुशीला पुत्री राम बहादुर 6 वर्ष, उर्मिला, पुत्री कोदई 15 वर्ष, रिन्की पुत्री बब्बन 7 वर्ष, सोना पुत्री विनोद 7 वर्ष, विपाश पुत्र दिनेश 3 वर्ष, संजू देवी पत्नी जयशंकर 23 वर्ष, सूभा पुत्री गोविन्द 5 वर्ष, रीती पुत्री शिव बालक 6 वर्ष, अर्चना पुत्री लारे 5 वर्ष, अशोक पुत्र शिवशंकर 8 वर्ष सहित 52 लोग भर्ती कराये गये थे।


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