सुलतानपुर।जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी (न.नि.) हरेन्द्र वीर सिंह ने सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों तथा प्रिन्टिंग प्रेसों के मुद्रक /प्रकाशकों को निर्देशित करते हुये कहा कि नगर निकाय सामान्य निर्वाचन 2017 में चुनाव प्रचार के दौरान राजनैतिक दलों/प्रत्याशियों द्वारा पम्पलेट, स्टीकर एवं बैनर आदि प्रचार सामाग्री मुद्रित एवं प्रकाशित करायी जाती है तथा प्रिन्ट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित कराया जाता है। इस सम्बन्ध में सभी राजनैतिक दल /प्रत्याशी तथा प्रिन्टिंग प्रेसों के मुद्रक /प्रकाशक राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी मुद्रक या प्रकाशक या कोई भी व्यक्ति ऐसी कोई निर्वाचन /प्रचार सामाग्री जिसकी मुख्य पृष्ठ पर उसके मुद्रक व प्रकाशन का नाम व पता न हो, मुद्रित या प्रकाशित नहीं करेगा। मुद्रण में फोटोकापी प्रक्रिया भी सम्मिलित माने जायेंगे। कोई भी व्यक्ति कोई भी चुनाव पम्पलेट /बैनर / स्टीकर/प्रचार सामाग्री आदि का न म्रदण करेगा न करायेगा, जब तक कि प्रकाशक अपने द्वारा हस्ताक्षरित तथा व्यक्तिगत रूप से उसे जानने वाले दो व्यक्तियों द्वारा अनुप्रमाणित घोषणा पत्र दो प्रतियों में मुद्रक को न उपलब्ध करा दे। सभी प्रचार सामाग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का स्पष्ट नाम व पता अंकित होगा तथा प्रचार सामाग्री की एक प्रति जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (न.नि.) को युक्तियुक्त समयावधि में उपलब्ध करायी जायेगी। कोई भी राजनैतिक दल /प्रत्याशी प्रिन्ट मीडिया में कोई भी छद्म विज्ञापन एवं पेड समाचार न प्रकाशित करेगा अथवा न करवायेगा। यदि कोई विज्ञापन राजनैतिक दल /प्रत्याशी की सहमति अथवा जानकारी में है तो यह माना जायेगा कि उक्त विज्ञापन सम्बन्धित राजनैतिक दल /प्रत्याशी द्वारा अधिकृत किया गया है और विज्ञापन का व्यय सभी राजनैतिक दल /प्रत्याशी को चुनाव व्यय के खाते में जोड़ा जायेगा। किसी व्यक्ति द्वारा राजनैतिक दलों /प्रत्याशियों की अनुमति के बिना उनके पक्ष में निर्वाचन विज्ञापन प्रचार सामाग्री प्रकाशित नहीं करायी जायेगी। यदि कोई व्यक्ति राजनैतिक दलों /प्रत्याशियों के अनुमति के बिना निर्वाचन प्रचार सामाग्री प्रकाशित कराता है तो ऐसे प्रकाशक के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171 एच. के उल्लंघन के लिये अभियोजन की कार्यवाही की जा सकती है। यदि विज्ञापन में प्रकाशक का पता नहीं है, तो सम्बन्धित समाचार पत्र से सम्पर्क कर सूचना प्राप्त करके उपर्युक्त प्रस्तर 5 व 6 के अनुसार यथोचित कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि उपर्युक्त निर्देशों का उल्लंघन करने पर उ.प्र. नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 48 एवं उ.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 127 ए के अर्न्तगत दण्डनीय अपराध होगा जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद स्तर पर गठित समिति राजनैतिक दलों /प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार सामाग्री के मुद्रण एवं प्रकाशन तथा प्रिन्ट मीडिया में दिये जाने वाले विज्ञापनों पर निगरानी रखेगी तथा निर्देशों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार सम्बन्धित के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

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