भारतीय किसान संघ आर्गेनिक, प्राकृतिक खेती पर दे रहा जोर, किसानों को देगा प्रशिक्षण
गोंडा। अनेकानेक बीमारियों, जहर मुक्त फसल और जहरीली सब्जी के सेवन से बचने के लिए अब खेती के उस विधा के विकास की जरुरत है जिसमें कीटनाशक दवाओं और कम से कम रासायनिक खादों का प्रयोग हो। आर्गेनिक खेती से इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और फसलों का उत्पादन भी दो गुना तक बढ़ेगा। भारतीय किसान संघ धान क्रय केन्द्र और गन्ना तौल सेंटरों की निगरानी करेगा, जिससे किसानों के साथ अन्याय न होने पाए। घटतौली रोकने के लिए संघ के कार्यकर्ता रहेंगे और घटतौली की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।
यह बात भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र बहादुर सिंह ने एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने किसानों और संघ के कार्यकर्ताओं से अपील किया है कि इस विधा को गांव-गांव तक फैलाने की आवश्यकता है। उन्होंने देशी गायों के नस्लों के प्रचार प्रसार पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्गैनिक खेती से इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और फसलों का उत्पादन भी दो गुना तक बढ़ेगा। उन्होंने किसानों और संघ के कार्यकर्ताओं का आवाहन करते हुए कहा कि इस विधा को अब गांव-गांव तक फैलाने की आवश्यकता है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश प्रदेश में प्राकृतिक (शून्य लागत पर) खेती को बढ़ावा देने के लिए आगामी 20 से 25 दिसम्बर तक लखनऊ के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें जिले के सभी ब्लाकों से चार-चार किसान भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि किसान की मांग पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों में गौशाला निर्माण का निर्णय लिया है। इनमें एक लाख गायों को रखने की व्यवस्था होगी। भारतीय किसान संघ की मांग है कि हर ग्राम सभा मेंचारागाह की भूमि पर गौशाला का निर्माण कराया जाय। प्रेसवार्ता के दौरान जिला उपाध्यक्ष अनिल सिंह भी मौजूद रहे।


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