सत्येन्द्र खरे
विधायक विधुत विभाग और भ्रष्टाचार
यूपी के कौशाम्बी में उपभोक्ता से नए विद्युत कनेक्शन के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है उपभोक्ता की शिकायत पर चायल बीजेपी विधायक नाराज हो गए। उन्होंने डीएम से मिलकर विद्युत एक्सईएन एवं लिपिक के खिलाफ इसकी शिकायत की। हालांकि विधायक के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने आननफानन में उपभोक्ता का कनेक्शन कर दिया। उधर, डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट जाँचएडीएम को सौंपकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वीडियो :क्या बोले विधायक
मूरतगंज ब्लॉक के हुसेनमई निवासी शिवलाल ने वर्ष 2000 में सबमर्सिबल के लिए बोरिंग कराई थी। इसके बाद उसने कनेक्शन के लिए विद्युत विभाग में आवेदन कर दिया। उसे बोरिंग प्रमाण पत्र भी मिल गया था, लेकिन शिवलाल को नया कनेक्शन नहीं मिला था। इसके लिए वह विभाग का अक्सर चक्कर लगाता था। आरोप है कि कनेक्शन के लिए विद्युत विभाग का एक चर्चित लिपिक 20 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा था। शिवलाल ने आरोप लगाया कि एक्सईएन के इशारे पर लेनदेन का खेल हो रहा था। पीड़ित ने चायल विधायक संजय गुप्ता से मामले की शिकायत की।
वीडियो :सहायक अभियंता विधुत विभाग
उन्होंने अधीक्षण अभियंता तारिक को मामले से अवगत कराया। उनके निर्देश पर एसडीओ एवं जेई ने अपनी रिपोर्ट लगा दी, लेकिन एक्सईएन की तरफ से कोई पहल नहीं हुई। नाराज विधायक ने डीएम मनीष कुमार वर्मा से मिलकर शिकायत की। डीएम ने एसई और आरोपित लिपिक को तलब कर मामले की जानकारी चाही तो लिपिक मामले में गोलमोल बातें करने लगा। डीएम ने उसे फटकार लगाते हुए फौरन विद्युत कनेक्शन करने का निर्देश दिया। उधर, डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक्सईएन एवं लिपिक के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच करने का निर्देश एडीएम राकेश कुमार श्रीवास्तव को दी।


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