शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ । खाद्य सुरक्षा एवं औषधि स्टेयरिंग समिति की बैठक शिविर कार्यालय स्थित सभागार में जिलाधिकारी शम्भु कुमार की अध्यक्षता में हुई । बैठक में जिलाधिकारी ने अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं प्रशासन डा0 शैलेन्द्र प्रताप सिंह से पिछली बैठक के सम्बन्ध में जानकारी ली तो उनके द्वारा अवगत कराया गया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि के सम्बन्ध में संगोष्ठियॉ आयोजित की गयी और स्वयं सेवी संस्थाओं की सहायता से प्रचार प्रसार कराया गया। साथ ही जागरूकता के लिये पम्पलेट छपवाये गये और बटवाये गये। बाजारो में दूध की जांच करायी गयी, दुकानों पर खाद्य सामाग्रियों के सैम्पल लिये गये, साथ ही व्यापारियों को अवगत कराया गया कि 12 लाख के ऊपर के व्यापारी लाइसेन्स बनवाये और 12 लाख नीचे के व्यापारी रजिस्ट्रेशन कराये। बैठक में जिलाधिकारी ने अभिहित अधिकारी से जानकारी ली कि जिनके सैम्पल लिये गये थे उनके खिलाफ क्या कार्यवाही की गयी। इसके लिये उन्होने बताया कि सी0जी0एम0 और ए0डी0एम0 कोर्ट में वाद दायर किया गया जिसके निस्तारण में व्यापारियों से अर्थदण्ड वसूला गया है। जिलाधिकारी ने अभिहित अधिकारी से पूछा कि मिलावटी सामग्री से किस तरह बचा जाये इसके बारे में जानकारी दे। जिसके लिये अभिहित अधिकारी ने बताया कि दुकानो का लाइसेन्स होना चाहिये, हम जो भी खरीददारी कर रहे है उसकी रसीद प्राप्त कर ले, रंग-बिरंगी खाद्य सामग्री न ले, चांदनी लगी हुई मिठाईयॉ व सामग्री न खरीदे, चांदनी को हाथ में रंगड़ने पर अगल गोली बन जाती है तो वह नकली है। खुले तेल पर पाबन्दी लगायी जाये और अस्पतालो में औषधि जन सुरक्षा केन्द्र खुलवाया जाये जिससे मिलावटी सामग्री से बचा जा सके। अन्त में अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं प्रशासन डा0 शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने छापेमारी के समय पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिये कहा जिसे जिलाधिकारी ने अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी राजकुमार अग्रवाल को निर्देश दिया कि ए0डी0एम0 द्वारा अवगत कराने पर पर्याप्त पुलिस बल छापे के दौरान उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0 सोमदत्त मौर्य, मुख्य राजस्व अधिकारी राम सिंह वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी राजकुमार अग्रवाल, उप जिलाधिकारी पट्टी जे0पी0 मिश्रा सहित खाद्य सुरक्षा के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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