गोण्डा।यह कैसी विडम्बना है कि जहाँ एक तरफ माँ अपने बच्चो के दीर्धायु होने की कामना को लेकर सकठ (गणेश चतुर्थी ) व्रत के लिए मेहनत मजदूरी कर पूजा आदि के लिए तिल , गंजी इक्कठा कर तैयारियों में जुटी थी वही माँ की जरा सी डांट पर पन्द्रह वर्षीय पुत्री ने फांसी के फंदे से झूल कर मौत को गले लगा लिया | त्यौहार के पूर्व ही पहली संतान की मौत से माँ का कलेजा दहल उठा |
बताते चले कि गुरूवार देर शाम कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हरसिंघवा चौहानपुर में स्थित एक विद्यालय परिसर के एक कमरे में गोंडा जनपद के थाना खोडारे क्षेत्र हरखूपुर गांव निवासनी अनारकली पत्नी सियाराम अपने तीन बच्चो राजकुमार (३ वर्ष), सुनैना (५ वर्ष) व सबसे बड़ी पुत्री मृतका अमरावती (15वर्ष) के साथ विगत कई वर्षो से रह कर कई घरो में चौका-बर्तन कर अपने नौनिहालों का लालन- पालन करती थी। गुरुवार देर शाम मां द्वारा किसी बात पर डाट दी और पूजन आदि की व्यवस्था के लिए बाजार चली आई और देर शाम वापस लौटने पर अमरावती को कमरे में मृत पाया ऐसी स्थित में माँ दहाड़े मार कर रोने चिल्लाने लगी रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण इक्कठे हो गए इस दौरान गांव निवासी धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने आनन-फानन में मनकापुर पुलिस व यूपी 100डायल को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम हेतु जिला मुख्यालय रवाना किया है।
वही प्रभारी कोतवाल आनंद सिह ने बताया कि मृतका की मां ने बताया कि अमरावती ने गले में फांसी का फंदा डाल अपनी जीवन लीला समाप्त कर लिया है प्रथम दृष्टया मामला संधिग्ध है पोस्टमार्टम रिपोर्ट के उपरांत ही स्थित स्पष्ट हो सकेगी


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