डॉ ओपी भारती
गोंडा : क्या बिकलांग बेटी के इलाज के लिए शौहर से पैसा मांगना गुनाह है ?क्या सिर्फ माँ ही फ़र्ज़ है कि बेटी की इलाज के लिए दर दर भटके?
यदि नही तो शौहर की ये मनमानी क्यूँ। ऐसी घिनौनी हरकत तो सिर्फ कोई घटिया मानसिकता का व्यक्ति ही कर सकता है कि बीबी विकलांग बेटी की इलाज के लिए पैसा मांगे तो शौहर बीबी को तलाक दे दे !!
मियां - वीवी का रिश्ता एक दूसरे के दुखों में मजबूती से साथ खड़े रहने का होता है न कि की दुःख की घड़ी में नैया ही डुबो देना।
ये आहत करने वाला मामला वजीरगंज के बाल्हाराई का है । यहां के अब्दुल सत्तार ने 17 वर्ष पूर्व अपनी बेटी शकीना बानो की शादी क्षेत्र के ही चड़ौवा निवासी मुबारक अली के साथ इस उम्मीद के साथ की थी , कि बेटी की जिंदगी सुखमय रहेगी । उसे क्या पता था , कि उम्र के अंतिम पड़ाव पर बेटी को दामाद की बेवफाई झेलनी पड़ेगी । लड़की का शौहर मुबारक अली जो मुम्बई में नौकरी करता है । उसको 1 लड़की करिश्मा जिसकी उम्र 14 वर्ष है , जो विकलांग है । शौहर साल में कभी - कभार ही गांव आता , और दो - चार दिन रहने के बाद वापस चला जाता । वीवी भी मायके और ससुराल में रहती रही ।जरूरत पड़ने पर मदद, इमदाद की मांग करती , तो शौहर उसे पूरा भी करता । बेटी के सयानी व विकलांग होने की फिक्र उसे बनी रहती , और लड़की के समुचित इलाज के लिए शौहर से कहती रहती , किन्तु शौहर सुनकर नजरअंदाज करता रहा । बेटी की तबियत कुछ ज्यादा खराब होने पर शौहर को फोन कर अपना दुखड़ा सुनाया । जिससे शौहर आग बबूला होकर फोन पर ही तलाक दे दिया । उम्र के इस पड़ाव पर शौहर का साथ छोडने , पिता के वृद्व होने और बेटी विकलांग होने के बाद उसका जीवन अंधकार मय हो गया है । पीड़िता ने सिसकते हुए बताया कि उसके लिए उम्मीद की किरण न्यायालय ही है ।जहां वो अपने हक की लड़ाई लड़ेगी ।


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