शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ । आकांक्षा समिति की अध्यक्षा डा0 स्निग्धा रश्मि ने बताया है कि देश भर मे हर सेकेण्ड में कोई न कोई व्यक्ति रक्त के अभाव के कारण मृत्यु से लड़ रहा होता है और ब्लड के अभाव में उसके जीवन में संकट आ जाता है। चिकित्सा विज्ञान द्वारा प्रयोगशालाओं में विभिन्न प्रकार की औषधियॉ वैक्सीन आदि बनायी जा रही है किन्तु ब्लड को अब तक नही बनाया जा सका। ब्लड की कमी को मात्र रक्तदान के माध्यम से ही पूर्ण किया जा सकता है। दुर्घटना व बीमारी का शिकार कोई भी हो सकता है किन्तु इस बात पर एहसास किसी को तब होता है जब उसका कोई अपना खून के लिये जिन्दगी और मौत के बीच संघर्ष करता है और परिजन उसकी जान बचाने के लिये खून के इंतजाम की जद्दोजहद करते है उस समय रक्तदान का महत्व समक्ष में आता है। रक्तदान एक सुरक्षित एवं स्वस्थ परम्परा है, रक्तदान करने से जहां एक ओर किसी व्यक्ति को जीवनदान दिया जाता है वही दूसरी ओर रक्तदान से खून पतला होने से खून के गाढ़ापन से सम्बन्धित दिल की गम्भीर बीमारियों से बचाव होता है। जहां तक खून के दुबारा बनने की बात है तो जितने अंश का रक्तदान किया जाता है उसे शरीर मात्र 21 दिनों के अन्दर बना लेता है। साथ ही खून के वॉल्यूम को शरीर सिर्फ 24 से 72 घण्टे में पूर्ण कर लेता है। इस प्रकार रक्तदान करने से कोई शारीरिक हानि नही बल्कि दोहरा लाभ होता है।
उक्त वर्णित तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुये जनपद प्रतापगढ़ में आकांक्षा समिति के तत्वाधान में दिनांक 09 फरवरी 2018 को जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ के प्रांगण में वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।


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