अमरजीत सिंह
पति की मौत से टूटे अंधकारमय परिवार के जीवन के लिए ज्योति बन गई योजना
फैजाबाद: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना चन्दावती के परिवार के अंधकारमय जीवन मे जीवन ज्योति बनकर आई ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त के नेवरा शाखा प्रबंधक अनुज तिवारी की दरियादिली से बीमा योजना का क्लेम महिला के बैंक खाते में पहुंच गया है ।जिससे पति की मौत के बाद पूरी तरह से बिखर चुकी मुश्किल घडी में चन्दावती ने स्वयं को सम्भाल लिया है।
मवई ब्लाक के रजनपुर गांव निवासी उमा शंकर की मनरेगा में मजदूरी करते एक साल पहले आकस्मिक मृत्यु के बाद उसका परिवार पूरी तरह से टूट चुका था। परिवार के मुखिया की मृत्यु ने उसकी पत्नी चन्दावती के जीवन को अंधकार मे बदल दिया था इससे उसे अपने परिवार के बिखरने का भी डर सताने लगा।उसे डर था कि चार बच्चों और एक बिटिया के हाथ कैसे पीले होंगे और अब परिवार का भरण-पोषण किस प्रकार से होगा। लेकिन तभी उमा शंकर की आकस्मिक निधन की यह जानकारी ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त के शाखा प्रबंधक अनुज तिवारी को हुई तो उन्होंने उनके पति द्वारा बैंक में कराए गए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के बारे में बताया जिसके अंतर्गत कराए गए बीमा से परिवार को क्षतिपूर्ति के रूप में दो लाख रूपये मिल सकते थे लेकिन क्लेम लेने के लिए भागदौड़ करने वाला कोई न था ऐसी स्थिति में शाखा प्रबंधक अनुज तिवारी ने मानवता का परिचय देते हुए भागदौड़ शुरू की ओर आखिर क्लेम को काफी जद्दोजहद के बाद स्वीकृत करवाया । प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की इस राशि ने परिवार को मुश्किल समय में बहुत बडा सहारा दिया और अब चन्दावती ने इस मुश्किल समय में स्वयं को संभाल लिया है।
शाखा प्रबंधक के प्रयास ने चन्दावती को जीने की राह दिखाई
शाखा प्रबन्धक अनुज तिवारी ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 70 कि.मी दूर स्थित मवई ब्लाक के ग्राम रजनपुर निवासी उमा शंकर परिवार का मुखिया था और पूरे परिवार का भरण-पोषण करने का दायित्व उनके ऊपर था।चन्दावती के लिए वह दिन बहुत ही कष्टदायी था जब उसके पति की मनरेगा योजना में मजदूरी करते वक्त आकस्मिक मृत्यु ने उसके परिवार के लिए दुख-भरे दिन ला दिए।उमा शंकर की आकस्मिक मृत्यु ने चन्दावती के साहस को तोडकर रख दिया। अब परिवार का जीवन-यापन किस प्रकार से होगा यह चिंता उसे सताने लगी थी। लेकिन उमा शंकर मजदूरी करने के साथ ही ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त की शाखा नेवरा में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अपना पंजीयन कराया था।योजना की शर्तो के अनुसार मृत्यु उपरांत दो लाख रूपये क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किया जाना था। उक्त राशि मृतक की पत्नि चन्दावती के बचत खाता में जमा कर दिए गए ।
पति तो वापस नही हो सकते पर मोदी जी ने जिंदगी बर्बाद होने से बचाया
चन्दावती का कहना है कि इन रूपयों से हालाकि उसका पति वापस तो नही मिल सकेगा। लेकिन पति की मृत्यु के बाद उसका जीवन बिखरने से बच गया है। इसके लिए वह बार बार ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त के शाखा प्रबंधक अनुज तिवारी व प्रधानमंत्री मोदी जी को बार बार आभार प्रकट करती हैं । उसने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ने जीवन की सुरक्षा प्रदान कर सचमुच जीने की नई राह दिखाई है, वह उक्त राशि से अपने भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास करेगी।
साल भर में केवल 12 व 330 रुपए जमा करने से दुख भरे दिनों में आ सकती है खुशियां
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधान सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना का शुभारम्भ किया गया है।प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सभी वर्गो के वयस्क नागरिको के लिए प्रारम्भ है। जिले की सभी शैक्षणिक शालाओ, शासकीय कार्यालयों, संस्थाओ मे कार्यरत शासकीय एवं अशासकीय सेवको एवं आम नागरिको को इन बीमा योजनाओ में पंजीयन कराना जरूरी है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक सदस्य का जीवन ज्योति बीमा योजना में वार्षिक प्रीमियम राशि 330 रूपये तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना की मात्र 12 रूपये है। इन बीमा योजनाओ में दो-दो लाख रूपये का बीमा होता है। जिसमें सामान्य एवं असामान्य दोनो प्रकार की मृत्यु होने पर खाताधारक के नामित को उक्त राशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाती है तहसील में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत यह पहला प्रकरण है, जिसका तत्कालिक लाभ चन्दावती को मिला है


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