सुनील उपाध्याय
बस्ती:आवास विकास कालोनी में स्थित प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र को उच्य अधिकारियो द्वारा की गई जाँच में तीन महीने बाद क्लीन चिट मिल गया | नवम्बर माह में बस्ती आईटीआई प्रिंसिपल बीबी सिंह तथा एम आई एस मैनेजर धीरेन्द्र सिंह द्वारा अक्षरा स्किल डेवलपमेंट सेंटर का औचक निरीक्षण किया गया था जिसमे मनमानी तरीके से तमाम कमिया बताई गई उसके बाद सेंटर को डिबार घोषित कर दिया गया | जाँच अधिकारियो की मनमानी से आहत सेंटर के संचालक ने बस्ती सांसद हरीश द्विवेदी एवं जिलाधिकारी से शिकायती पत्र में आईटीआई कर्मचारियों पर घूस न देने के कारण झूठी जाँच रिपोर्ट लगाने की बात कही तथा सेंटर को पुनः उच्य अधिकारियो द्वारा जाँच कराने की मांग की गई | सांसद हरीश द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लिया जिसको लेकर उच्य अधिकारीयो द्वारा पुनः जाँच में सेंटर व्यवस्थित पाया गया और सेंटर पर लगे सभी आरोप तथ्यहीन एवं निराधार पाए गए जिसको जाँच टीम ने ख़ारिज कर पुनः सेंटर को क्लीन चिट देते हुए चालू करने का आदेश दे दिया | संचालक अमृत कुमार वर्मा ने बताया की आईटीआई प्रिंसिपल की जाँच के दौरान सेंटर सभी मानको पर खरा उतरा था सेंटर पर साफ सफाई न होने की बात कहकर उन्होंने मुझसे धन उगाही की बात कही थी जब मैंने मना कर दिया तो सभी मानको के पूरा होने के बाद भी उन्होंने मेरे सेंटर को डिबार घोषित कर दिया | इसको लेकर सांसद हरीश द्विवेदी ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के निदेशक को पत्र के माध्यम से सेंटर को उच्य अधिकारियो से जाँच करने के लिए लिखा था | उच्य अधिकारियो ने सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुए 27 फरवरी को पुनः सेंटर संचालित करने का आदेश कर दिया | साथ ही साथ रुधौली में संचालित निर्मल कौशल केंद्र को भी हरी झंडी दे दी |


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