खुर्शीद खान
सुलतानपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अम्बेडकर जयन्ती पर जिला सम्मेलन कर नगर में पंथ संचलन किया और कार्यक्रम आयोजित कर संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धाजलि अर्पित करते हुए संघ के प्रान्त प्रचारक रमेश जी ने कहा कि समाज से कुरीतियों को खत्म करने और समाज को एक सूत्र में बांधने के डाॅ0 अम्बेडकर के संकल्प को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरा कर रहा है।
नगर के विवेकानन्दनगर स्थित सरस्वती विद्या मन्दिर परिसर में संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती पर स्वयंसेवकों का जिला सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रान्त प्रचारक रमेश जी ने कहा कि डाॅ. अम्बेडकर एक युगदृष्टा एवं दूरदृष्टि के व्यक्तित्व थे। कई विषयों के तर्कविद् थे। वह अर्थशास्त्र व कानून के साथ साथ देश के रचनात्मक कार्य के लिए तत्पर थे, किन्तु तत्कालीन सरकार के मुखिया पं. नेहरू ने नहीं स्वीकारा। वह विदेश नीति और हिन्दू नीति को बदलना चाहते थे। किन्तु नेहरू ने ऐसा नहीं होने दिया जिसके कारण डाॅ अम्बेडकर ने अपने पद से त्यागपत्र देकर सरकार से अलग हो गये। आज तक कुछ तथा कथित लोग राजनीतिक लाभ के लिए हिन्दू होकर भी हिन्दुत्व के विरूद्ध खडे है।
उन्होने कहा कि डाॅ. अम्बेडकर समाज में समरसता लाकर लोगों को एक सूत्र में बांधना चाहते थे। उनके इस संकल्प को संघ पूरा कर रहा है। एक बार डाॅ. अम्बेडकर संघ के प्रशिक्षण शिविर में दो घण्टे के लिए आयें और संघ के कार्यक्रम को देखा तो वह पूरा दिन रूक गये। बिना किसी अन्तर के सभी स्वयंसेवकों का एक साथ रहना खाना आदि गतिविधियां देखकर वह बहुत प्रभावित हुए और कहा ‘समरसता का इससे बड़ा और कोई उदाहरण नहीं हो सकता है।’ उन्होंने संघ के संस्थापक डाॅ. हेडगेवार और डाॅ. अम्बेडकर का तुलनात्मक जिक्र करते हुए कहा कि एक के मन में देश के लोगों के अन्दर स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति भरने की तड़पन थी तो दूसरे में देश में तमाम कुरीतियों को समाप्त कर समरसता लाने और हर एक को स्वाभिमान से जीने लायक बनाने की पीड़ा थी।
इससे पहले अध्यक्षता कर रहे राणा प्रताप डिग्री कालेज के शिक्षक बलराम जी ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। मंचासीन अतिथियों विभाग संघचालक डाॅ. रमाशंकर मिश्र, जिला संघचालक हृदयराम जी का परिचय जिला कार्यवाह नवीन श्रीवास्तव जी ने कराया। अमृत वचन केशव जी तथा गीत महेश सिंह ने प्रस्तुत किया। इसके बाद डाॅ. अम्बेडकर की झांकी के नेतृत्व में पथ संचलन निकला। जो शास्त्री नगर विद्या मन्दिर से निकलकर दरियापुर, पंचरास्ता, चैक, सब्जीमण्डी, अस्पताल रोड़, शाहगंज चैराहा, बाधमण्डी चैराहे से राहुल चैराहा होते हुए ओमनगर से पुनः विद्या मन्दिर में सम्पन्न हुआ।

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