खुर्शीद खान
सुल्तानपुर. कुछ यही सोच थी जब गोमती मित्र मंडल ने 2012 में सीता कुंड धाम को पुनः उस का पौराणिक दर्जा प्रदान करने का बीड़ा उठाया और मां गोमती को स्वच्छ करने का असंभव संकल्प लिया। आज कुशभवनपुर वासी गर्व के साथ कहते हैं गोमती मित्र मंडल ने जो स्वप्न 2012 में देखा था उसमें से एक स्वप्न सीता कुंड धाम को पौराणिक दर्जा प्रदान करना लगभग सफल हो गया। अब गोमती मित्र मां गोमती स्वच्छता मिशन को लेकर और गंभीर हो गए हैं । गोमती मित्रों ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, माननीय पर्यटन मंत्री, माननीय नगर विकास मंत्री, माननीय सांसद महोदय, माननीय जिलाधिकारी महोदय सभी को पत्रों के माध्यम से यह अवगत कराने की कोशिश की है, कि सीता कुंड धाम पर गोमती मित्र मंडल ने जो कुछ भी हो सकता था वह किया है। अब उसे शासन और प्रशासन के मदद की सख्त आवश्यकता है। मां गोमती के उद्गम स्थल से लेकर मां गोमती के गंगा में मिलन स्थल तक गोमती मित्र मंडल एक जन जागरण यात्रा भी निकालने की तैयारी कर रहा है। जिसका मूल उद्देश्य है मां गोमती के तट पर बसे सभी जिलों में माँ गोमती स्वच्छता संकल्प समिति गठित करना।
गोमती मित्र सीता कुंड धाम पर दैनिक श्रमदान बराबर करते रहते हैं, रविवार को साप्ताहिक विशेष श्रमदान प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह के नेतृत्व में चलाया जाता है, जिसमें मां गोमती के तट को पूर्वी छोर से लेकर पश्चिमी छोर तक, पूरी तरीके से साफ करना, नदी के अंदर से मैले वस्त्र ,पन्नी,कूड़ा करकट ,मूर्तियां, निकालकर यथासंभव एक निश्चित स्थान पर निस्तारित करना और हर रविवार सायं कालीन होने वाली मां गोमती की महा आरती के लिए धाम को विधिवत तैयार करना। 20 मई को भी गोमती मित्र प्रातः 6:00 बजे से 9:30 बजे तक तपती धूप में भी बगैर हौसला खोए लगातार श्रमदान करते रहे, मदन सिंह के नेतृत्व में डा.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह ,राजेश पाठक,रतन कसौंधन,अजय प्रताप सिंह,रमेश माहेश्वरी,दीपक,अजय,सोनू सिंह,विकास,बिपिन,दाऊ जी,आदित्य,जयनाथ,दिव्यांश आदि साथ में लगे रहे।


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