डॉ ओपी भारती
वजीरगंज(गोंडा) सरकारी कर्मियों की लापरवाही भी अजीबोगरीब है जिस काम के लिए तैनात हैं वही भूल जाते है और परेशान जनता होती है। ग्राम पंचायत जमुनहा मझरेती की सचिव की भूल के चलते शौचालय की प्रोत्साहन राशि के लिए महिला भटक रही है। मामला क्षेत्र ग्रामपंचायत जमुनहा मझरेती का है। यहां की निवासिनी सोनापति पत्नी अर्जुन ने सबको इज्जतघर बनवाते देखा तो उसे भी बनवाने की इच्छा हुई उसने प्रधान एवं सचिव से इज्जतघर बनवाने की इच्छा जाहिर की तो उसे गड्ढा बनवाने पर 6 हजार रुपये का चेक मिलने की बात बताई गई। उसने दिल्ली में नौकरी कर रहे अपने पति से इसके लिए पैसे की मांग की किन्तु पूरी नही हुई। तो उसने गांव में ही 5 हजार रुपये कर्ज ले लिया और गढ्ढा बना कर सचिव से 6 हजार का चेक देने की मांग की। सचिव ने उसे बिना खुद के हस्ताक्षर के 1 अप्रैल का चेक दिया जिसे उसने वजीरगंज स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के अपने निजी खाते में जमा कर दिया। बैंक ने भी बिना पड़ताल के उसे क्लियरिंग में गोंडा भेज दिया। वह बार बार बैंक जाकर अपना खाता चेक करती रही कर्ज का पैसा वापस करने लिए बार बार बैंक जाने पर कर्मियों की झिड़की भी सुनी बहुत खोजबीन के बाद 3सरे महीने चेक वापस आ गया तथा उसके खाते से क्लियरिंग शुल्क 140 रुपये भी काट लिए गए। महिला के अनुसार 1 हजार खर्च होने बाद उसे चेक वापस दिया गया जबकि कर्ज का ब्याज भी बढ़ रहा है। वह कहती है कि इज्जतघर बनवाने की इच्छा उसके लिए भारी पड़ रही है उसने शौचालय का चेक तत्काल दिलाने की मांग की है। सचिव विजयलक्ष्मी श्रीवास्तव ने बताया कि भूल से हस्ताक्षर एवं मोहर छूट गया उसे कर दिया जाएगा। एडीओ पंचातय घनश्याम पांडेय ने बताया कि ये मानवीय भूल है सुधार कर महिला को प्रोत्साहन राशि दिलाई जाएगी।

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