शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ । ब्रम्हदेव साहित्य समाज के संयोजन में जिले के बाबा बेलखरनाथ धाम विकास खण्ड के फेनहा कापा में स्थित सदाबहार बाग में एक काव्य गोष्ठी पं• शेष नारायण दुबे राही की अध्यक्षता व सुरेश नारायण दुबे के संचालन में सम्पन्न हुई । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में युवा कवि पं• अनूप त्रिपाठी मौजूद रहे । कार्यक्रम का शुभारम्भ आलोक बैरागी ने मां सरस्वती की वंदना कुछ इस तरह से पढ़ा "आओ आओ मैया मेरी पार लगा दो नैया मेरी बैरागी आया तेरे द्वार आओ मां हंसा पे सवार "इस अवसर पर ब्रह्मदेव साहित्य समाज के अध्यक्ष पंडित प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम ने दो बेटियों शिवानी और लक्ष्मी को अंगवस्त्रम तथा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया । बच्चियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रेम कुमार त्रिपाठी "प्रेम" ने पढ़ा बल संबल अवलंबन बेटी, देती है नवजीवन बेटी, हर बेटी में अपनी बेटी पडी दिखाई । अध्यक्षता कर रहे शेष नारायण दुबे राही ने पढ़ा "कहां गए दो बैलों की वो जोड़ी वाले दिन' बैलों के दम पर खेती और किसानी वाले दिन, । अमित शुक्ला ने पढ़ा हिंदी मां की मां है वाणी का श्रृंगार है lजगत कंठ का प्रमुख विषय है अभिव्यक्ति का सार है lजहां पर अनूप त्रिपाठी ने नेताओं पर करारा प्रहार किया वही सुरेश नारायण द्विवेदी व्योम ने पढ़ा विश्वविजईव्योम भारत को बनाने के लिए, आग लिखिए, आग लिखिए, आग लिखिए हरिवंश शुक्ला शौर्य तथा उजड्ड जौनपुरी ने समाज के साथ-साथ देश संबंधी रचनाएं पढ़कर वाह वाही लूटी कार्यक्रम के अंत में पंडित राम सूरत पांडे ने सावन पर आधारित रचना सुना कर सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया ।


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