गोंडा : हजारो वर्षो से पहचान छुपाने व मनोरंजन के लिए प्रयोग में लाये जाने वाले मास्क ( मखौटे ) को सवारने में नन्हे मासूमो ने उत्तम प्रदर्शन किया |
बताते चले कि शिक्षा क्षेत्र मनकापुर के पूर्व मा वि दलीपपुरवा शिक्षण , खेल कूद के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों की छटा विखेरने में भी अव्वल है जहाँ समय समय पर बच्चो को आज और आदि के प्रवेश में हो रही गतिविधियों से अवगत कराने की पुरजोर कोशिशे होती रहती है
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| पूर्व मा वि दलीपपुरवा |
इसी तरह यहाँ के बच्चों ने शनिवार विशेष गतिविधि में प्राचीन काल से ही लगभग 9000 वर्षों से अपनी पहचान छुपाने तथा सजावट, सुरक्षा एवं मनोरंजन के लिए प्रयोग में लाये जाने वाले मास्क को बनाना सीखा |
वीडियो : मखौटे को रूप देते छात्र
बताते चले कि सीसीआरटी नई दिल्ली ने सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए विद्यालय के शिक्षक मनीष वर्मा को 21 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ ही विद्यालय को सांस्कृतिक गतिविधियों को सवारने के लिए किट प्रदान किया है इस किट के प्रयोग द्वारा बच्चों को भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों का ज्ञान , विभिन्न भारतीय भाषाओं की जानकारी के साथ प्रादेशिक गीत, स्थापत्य कला (Architecture),मूर्त्तिकला (Sculpture), चित्रकला (Painting), संगीत (Music) , भारतीय नृत्य कला (Dance),रंगमंच (Theater/Cinema) आदि की जानकारी दी जानी है
इसी क्रम में बच्चों को अब तक लोक कलाओं में बिहार की मधुबनी कला एवं मुखौटों की मूर्तिकला से बच्चों को परिचित कराया गया यह कार्यक्रम सीसीआरटी एवं संस्कृत मन्त्रालय भारत सरकार के द्वारा देश के 12 प्रदेशों के चुनिंदा 80 उत्कृष्ट शिक्षकों के साथ उनके विद्यालयों में भारतीय संस्कृत के संरक्षण एवं प्रसार हेतु प्रारम्भ किया गया है



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