अखिलेश्वर तिवारी/वैभव त्रिपाठी
बलरामपुर ।। डॉ भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर लोगों ने बाबा साहब को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बाबा साहेब की पुण्यतिथि परिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर जिलेभर में कार्यक्रमों का आयोजन कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवरिया मुबारकपुर में इस अवसर पर सभा का आयोजन किया गया।
इस दौरान अध्यापकों सहित छात्र-छात्राओं ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी। विद्यालय की अध्यापिका मिथिलेश कुमारी ने छात्र-छात्राओं को बाबा साहेब के जीवन से परिचित करवाया। उन्होंने कहा कि यदि हम सब बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलें तो देश में अमन चैन कायम हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया डॉक्टर अंबेडकर को सन 1948 में गणित रक्षा सलाहकार समिति का सदस्य चुना गया था।
उन्होंने 14 अक्टूबर 1956 में बौद्ध धर्म अपना लिया था। उनके मरणोपरांत उन्हें सन 1990 में भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया। सभा के बाद विद्यालय में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय देवरिया मुबारकपुर सहित अन्य शिक्षण संस्थाओं में भी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहब को याद किया गया।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह गौतम की अगुवाई में कांग्रेसियों ने अंबेडकर चौराहे पर स्थित डॉक्टर अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सुरेंद्र गौतम ने कहा कि बाबा साहब संविधान निर्माता, ज्ञान के प्रतीक व करुणा के सागर थे। वह दलितों, शोषितो, पिछड़ों, महिलाओं व श्रमिकों के मसीहा थे। भारत देश के करोड़ों वंचितों व शोषितों को आपने मुख्यधारा में लाने का काम किया है इसके लिए हम सदैव बाबा साहब के आभारी रहेंगे।



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