शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ ! मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की हालत सुधारने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शीघ्र ही जिले में कंगारू मदर केयर यूनिट खुलेगी ! इस यूनिट में पैदा हुए नवजात बच्चों को उनकी मां बच्चों को अपनी छाती से चिपका कर रखी है जिसके तरीके भी बताए जाएंगे ! जिसके लिए जिला महिला अस्पताल व कुंडा तथा पट्टी के अस्पताल में एक कमरे में 4 बेड का यूनिट बनाया जाएगा ! राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा यह योजना प्रदेश के कई जनपदों में चल रही है अब जल्द ही प्रतापगढ़ में भी इसकी शुरुआत होगी !
कंगारू मदर केयर से फायदा यह होगा कि जो बिल्कुल कमजोर या कम वजन के बच्चे पैदा होंगे उनके पोषण में मदद मिलेगी। जिसके लिए सरकार से कुंडा और पट्टी अस्पताल के लिए 1लाख 40 हजार रुपए व जिला महिला ताल के लिए ढाई लाख रुपए का बजट आया है कुंडा के अस्पताल में कार्य शुरू है पट्टी और जिला महिला अस्पताल में शीघ्र ही यह यूनिट बनेगा ! उक्त जानकारी डीपीएम राजशेखर ने देते हुए बताया कि केएमसी यूनिट में बच्चों के साथ उनकी जननी भी रहेगी। इसे कंगारू मदर केयर यूनिट इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें बच्चों को उनकी मा बिल्कुल उसी तरह सीने से चिपका कर रखती हैं, जिस तरह कंगारू से उसका बच्चा चिपका रहता है। इससे बच्चों को ज्यादा पोषण मिलता है और वे जल्द ही स्वास्थ्य लाभ पाते है।
उन्होंने बताया कि इसमें फिलहाल चार बेड की व्यवस्था है। एक बार में चार मातायें रखी जा सकती है। इस यूनिट को चलाने के लिए बजट को भी स्वास्थ्य विभाग से पहले ही अनुमति मिल गई थी। इस यूनिट के खुल जाने से कम वजन के नवजात बच्चों को खास देखभाल मिल सकेगी। अस्पताल में कई तरह की खूबियों वाली कंगारू मदर केयर यूनिट कि शीघ्र स्थापना होगी। जहां सभी उपकरण भी यहां रखे जाएंगे। डीपीएम राजशेखर ने बताया कि कम वजन के बच्चे मां का दूध नहीं पी पाते ऐसे में कंगारू मदर केयर यूनिट में विशेष तरह से बनी कुर्सी पर प्रसूता नवजात को स्तनपान कराएगी।
यूनिट में प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ होगा जो जच्चा-बच्चा की देखरेख करेगा और कम वजन वाले बच्चे को मां से अलग किसी और वार्ड में भर्ती करने की जरूरत नहीं होगी। यूनिट के भीतर बैठकर प्रसूता नवजात को स्तनपान करा सकेगी। मां के सीने से लगा होने की वजह से बच्चे के शरीर का तापमान भी सही बना रहेगा जिससे कमजोर और कम वजन का बच्चा भी स्तनपान कर सकेगा जो उसकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है।


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