अखिलेश्वर तिवारी/वेद मिश्रा
बलरामपुर ।। वामपंथी दलों से समर्थित तमाम श्रमिक फेडरेशन व संगठनों के आवाहन पर आज आम हड़ताल का जनपद बलरामपुर में मिलाजुला असर देखने को मिला ।जिले के तमाम बैंक, डाकखाना, टेलीफोन एक्सचेंज व एलआईसी के कर्मचारी हड़ताल पर रहे वहीं भारतीय स्टेट बैंक में रोज की तरह कामकाज होता रहा तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी कामकाज पूरी तरह से संचालित होता रहा । औद्योगिक प्रतिष्ठानों में केवल सांकेतिक हड़ताल संगठनों द्वारा किया गया । ऑल इंडिया बैंक एसोसिएशन के पदाधिकारियों तथा पुलिस के बीच स्टेट बैंक बंद कराने को लेकर तीखी नोकझोंक भी हुई ।
जानकारी के अनुसार जनपद बलरामपुर जिला मुख्यालय सहित सभी 3 तहसील मुख्यालयों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित तमाम बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे और पूरा दिन का बैंकिंग कार्य बंद रहा वही स्टेट बैंक के कर्मचारी हड़ताल के विरोध में रहे । कुछ इसी तरह उद्योगों में भी कार्य पूर्व की तरह संचालित होता रहा । बलरामपुर चीनी मिल बजाज चीनी मिल के कर्मचारियों ने पूर्व की तरह आपने काम पर आने का निर्णय लिया । कर्मचारी नेताओं ने सांकेतिक रूप से धरना प्रदर्शन कर हड़ताल में सम्मिलित होने की बात कही ।
कहीं ना कहीं जिले में आम हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिला । आज के हड़ताल का मुख्य उद्देश न्यूनतम वेज ₹18000 करने तथा श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलाव को तत्काल रोकने की मांग शामिल है । ऑल इंडिया बैंक एसोसिएशन के जिला महामंत्री संजय शुक्ला ने स्टेट बैंक कर्मचारियों व नेताओं से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भविष्य में इनके द्वारा किए गए हड़ताल का भी हम लोग समर्थन नहीं करेंगे ।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि क्लीयरेंस का कार्य भी हम लोग अब नहीं करेंगे । स्टेट बैंक बंद कराने को लेकर हड़ताली नेताओं तथा पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई । हड़ताल में जिले के तमाम बैंक, एलआईसी, डाकखाना व टेलीफोन एक्सचेंज के कर्मचारी भी सम्मिलित हुए ।
आम हड़ताल में निजी प्रतिष्ठानों के कर्मचारी भी सांकेतिक रूप से सम्मिलित हुए । जिले में स्थापित तीन चीनी मिलों के श्रमिक नेताओं ने गेट मीटिंग करके हड़ताल में सम्मिलित होने की बात कही वहीं अपनी मांगों को लेकर सरकार को आगाह किया । बलरामपुर चीनी मिल गेट पर गेट मीटिंग के दौरान श्रमिक प्रतिनिधियों बैरिस्टर सिंह, सुधांशु प्रताप सिंह, मंगल प्रसाद व शिव बक्स सिंह सहित तमाम नेताओं ने श्रमिक विरोधी नीतियों को तत्काल बंद कर ,न्यूनतम वेज ₹18 हजार करने तथा श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी परिवर्तन को तुरंत खारिज कराने सहित कई ऐसे मांग शामिल हैं जिनसे कर्मचारियों का सीधा ताल्लुक है ।
श्रमिक नेताओं ने प्राइवेट सेक्टर के कारखानों विशेष कर चीनी मिल व उससे जुड़े प्रतिष्ठानों में छठा वेज बोर्ड के अनुरूप वेतनमान लागू करने की भी मांग उठाई । गेट मीटिंग के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक व उनके प्रतिनिधि मौजूद थे । श्रमिक नेताओं का कहना था की चीनी मिलों तथा उसके सहयोगी प्रतिष्ठानों में पेराई सत्र चालू है और मिल बंद होने से किसानों को बड़ी कठिनाई उठानी पड़ेगी इसलिए किसानों के हित में मिल को बंद ना करा कर सांकेतिक हड़ताल के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का निर्णय किया गया है ।



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