शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ । समाजसेवी स्मृति शेष श्रीहर्ष पांडेय शिक्षा व समाज के प्रति सदैव समर्पित रहे । उनका योगदान अतुलनीय है, वे सर्व समाज के हितैषी थे । समाज के दबे कुचले वह असहाय लोगों के हितों के लिए वे सदैव लड़ते रहे ।
उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता ।उक्त बातें पूर्व विधायक व समाजवादी चिन्तक पंडित संगम लाल शुक्ल ने पूर्व प्रबन्धक व समाजसेवी स्व. श्रीहर्ष पाण्डेय की 22वीं पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को सम्बोधित करते हुए कही ।अजीत नगर में श्रीहर्ष पाण्डेय समाज सेवा संस्थान के तत्वावधान में हुए इस श्रद्धांजलि-सभा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि व पूर्व एडीआईओएस डॉ. दयाराम मौर्य रत्न ने कहा कि आज हम पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण करते हुये अपने लोगों का जन्मदिवस तो मनाते हैं लेकिन अपने पूर्वजों को भूल जाते हैं ।
जबकि पूर्वजों का नमन हमारी संस्कृति रही है ! पूर्वजों की शिक्षा से हमारा पथ-प्रदर्शन होता है । इसलिए पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण ना कर हमें अपने पूर्वजों को नमन करना चाहिए । उद्घाटन अतिथि राजमूर्ति सौरभ ने माँ सरस्वती व पंडित जी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया ततपश्चात साहित्यकार सुरेश नारायण व्योम ने सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की । कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पं. भानु प्रताप त्रिपाठी मराल व संचालन रवींद्र अजनबी ने किया ।
संस्थान के अध्यक्ष अनिल प्रताप त्रिपाठी ने आये हुए सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया ।अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह ने कहा पंडित जी का व्यक्तित्व विशाल था ।
वे बहुत ही मिलनसार थे । विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने सभी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया । उनका व्यक्तित्व अनुकरणीय है । समापन अतिथि व ग्रामीण इण्टर कॉलेजेज के अध्यक्ष श्याम किशोर शुक्ल ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पंडित जी को याद करने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम सराहनीय है । उनका गरीबों असहायों के प्रति विशेष लगाव था । प्रबंधक व सरपंच रहते हुए उन्होंने समाज के दबे कुचले लोगों के उत्थान के लिए बहुत कार्य किया । इस मौके पर संस्थान की ओर से गरीबों में कम्बल वितरण किया गया ।
इस मौके पर जनपद की वरिष्ठ संगीतज्ञ डॉ. शिवानी मातनहेलिया, पर्यावरण विद डॉ. राधेश्याम मौर्य, वरिष्ठ साहित्यकार गजेन्द्र सिंह विकट, रेशमा त्रिपाठी व रवीन्द्र अजनबी को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया । कार्यक्रम संयोजक डॉ. अनूप पाण्डेय व संस्थान अध्यक्ष अनिल प्रताप त्रिपाठी ने सभी को अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह व सम्मान पत्र भेंट कर सारस्वत अभिनन्दन किया । कार्यक्रम में शारदा संगीत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई । जिसकी लोगों ने खूब सराहना की ।
सभी कलाकारों का भी संस्थान द्वारा सम्मान किया गया । इस दौरान सर्दी से बचने के लिए 100 से अधिक गरीब असहाय लोगों को लंच बॉक्स के साथ कम्बल वितरित किया गया । कार्यक्रम के दौरान ओम प्रकाश पाण्डेय अनिरुद्ध रामानुजदास, वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम नारायण मिश्र, राम सेवक त्रिपाठी, राधेकृष्ण त्रिपाठी, अबरार जहानियां, शिवाकांत मिश्र, दिलीप शुक्ल, डा. बृजेन्द्र देव त्रिपाठी, राम नेवाज पाल, डॉ. राम बोध पाण्डेय, विजय प्रताप त्रिपाठी, जूबाए अध्यक्ष लीलाधर दूबे, वकील परिषद के अध्यक्ष राम प्रसाद तिवारी, डॉ. शिवेशानन्द, सपा नेता राम कृष्ण मिश्र गुड्डू आदि ने स्व. श्रीहर्ष पाण्डेय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की ।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार दयाशंकर शुक्ल हेम, संगम लाल भंवर, सुनील प्रभाकर, राज नारायण शुक्ल राजन, माधव श्याम तिवारी माधो, राजेश प्रतापगढ़ी, अनूप अनुपम, गजेंद्र सिंह विकट, सत्येंद्र मिश्र मृदुल, हरिवंश शुक्ल शौर्य, अर्चना सिंह, रेशमा त्रिपाठी शिवानी मिश्रा, रामानुज पाल भ्रमर आदि कवियों ने अपनी अपनी रचनाओं के माध्यम से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य, आनंदमोहन ओझा, डायट प्रवक्ता राकेश कन्नौजिया, संतोष जैन, डा. आर. के. विद्यार्थी, चिंतामणि पाण्डेय, अरुण प्रताप त्रिपाठी गिरजेश त्रिपाठी, चन्दन सिंह, गौरव श्रीवास्तव, परमानन्द मिश्र, ओम प्रकाश त्रिपाठी, प्रधानाचार्य डॉ. कमलाकांत त्रिपाठी, जय प्रकाश उपाध्याय, डा. महादेव दुबे, विनोद कुमार पाण्डेय, लक्ष्मीकांत मिश्र, यमुना प्रसाद पाण्डेय, भगौती प्रसाद पाण्डेय, प्रधानाचार्य देवराज सिंह, सुरेश मिश्र, अमित उपाध्याय, अशोक यादव अवनीश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे । कार्यक्रम के अंत में आये हुए अतिथियों के प्रति संस्थान उप सचिव डॉ. अमित पाण्डेय ने आभार प्रकट किया ।



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