Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

Gonda:मनकापुर केआईटीआई संचार विहार में काव्य गोष्ठी का हुआ आयोजन











गोंडा:मनकापुर के आई टी आई संचार विहार में 22 जनवरी शाम को एक काव्य गोष्ठी आयोजित की गयी। साहित्यिक प्रोत्साहन संस्था के संरक्षक पारस नाथ श्रीवास्तव की अध्यक्षता, मीडिया प्रभारी एवं कवि राम लखन वर्मा के संचालन में हुई इस काव्य गोष्ठी की शुरूआत राम लखन वर्मा द्वारा  माँ वाणी की बन्दना कर की गई।






 इससे पहले मुख्य अतिथि के रूप में बस्ती जिले से आये हुए महान गीतकार कुंदन कुमार उपाध्याय का स्वागत कवि चन्द्रगत कुमार भारती, खालिद हुसैन सिद्दकी, गीतों के राजकुमार धीरज श्रीवास्तव द्वारा पुष्प-गुच्छ प्रदान कर किया गया।






 काव्य गोष्ठी को उचाई देते हुए महाकाल की नगरी उज्जैन में विद्यावाचस्पति सम्मान से विभूषित गीतों के राजकुमार डा0 धीरज श्रीवास्तव ने पढ़ा - शाम वेशक दिल जलाती पर सुहानी लिख गया। वेवफा के प्यार को मैं जिंदगानी लिख गया।



 कवि राम लखन वर्मा ने पढ़ा- माँ मेरे जीवन का उद्धार कर दो। भवँर में है नैया इसे पर कर दो। फैजाबाद से से आये हुए अवधी विधा के कवि चन्द्रगत भारती ने पढ़ा - मुड़वा पिरात बाटे तेलवा लगाय दा। छोटुआ  की माई तनी गोड़वा दबाय दा।



 कवि खालिद हुसैन सिद्दकी ने पढ़ा - लूट डाला देखिये जिसने खजाना देश का, देश मे फिर उसी सरकार की चर्चा हुई। मुख्य अथिति गीतकार कुंदन कुमार उपाध्याय ने पढ़ा - वक्त बीता चला, उम्र घटती गई। जिंदगी यूं सफर में गुजरती गई।



 कुंदन कुमार उपाध्याय को साहित्यिक प्रोत्साहन संस्था के संरक्षक कवि पारस नाथ श्रीवास्तव ने अंगवस्त्र के रूप में शाल और कवि चन्द्रगत भारती , राम लखन वर्मा द्वारा प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।



 इस अवसर पर साहित्यिक प्रोत्साहन संस्था की अध्यक्षा विभा श्रीवास्तव, रजनीश तपन, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, आज्ञाराम पाल के अलावा तमाम गणमान्य उपस्थित रहे। काव्य गोष्ठी के अंत मे साहित्यिक प्रोत्साहन संस्था के संस्थापक सचिव डा0 धीरज श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी कवियों एवं श्रोताओ को धन्यवाद ज्ञापित किया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे