फिर से देखो रक्त बहा है , माँ भारत के वीरो का
शोणित कर दी घाटी मेरी , खून बहा रणधीरों का
कब तक आतंकी माता का , चीर हरण कर गाएंगे
कब तक वीरों की लाशों का , हम यूँ बोझ उठाएंगे
छप्पन इंची सीने वाले , मोदी जी कुछ बोलो तुम
कसम तुम्हे है माँ भारत की , नयन तीसरा खोलो तुम
कब तक विधवा क्षत्राणी की , चीखो से बच पाओगे
कब तक हमको शब्द बाण से , बार बार समझाओगे
उबल रहा है बच्चा बच्चा , भारत माँ की सेना का
रक्त बहा है नही है किस्सा , कोई तोता मैना का
अब तो रूप धरो काली का , नाश करो हत्यारो का
बिना कफ़न के दाह करो तुम , इन कायर काफिरों का
बिलख बिलख के रोती माता , कैसे खेर मनाएगी
अपने ही बेटों की अर्थी , कब तक यार जलायेगी
ज्वाला देखो सुलग रही है , अब वीरों की छाती में
जख्म दिया है शैतानो ने , फिर से पावन थाती में
जब भारत के वीरों को ही , गोली मारी जाती है
तब जाकर के कलम हमारी , शोणित गाथा गाती है
अग्नि पृथ्वी नाग चलाकर , अब दुश्मन को मारो तुम
मोदी जी कर शेर सवारी , काफ़िर पर हुंकारों तुम
रक्त छलकती इन आँखों को , अब अंगार बना डालो
मोदी जी मत चूको मौका , पाकिस्तान जला डालो
नदियाँ बनकर बहते बहते , बहुत निभाया रिश्तो को
अब दे दो आदेश हमारे , सैन्य वीर फरिश्तो को
माँ भारत के इस आँचल का , अब तो मान बचाओ तुम
इस दुनियाँ को भारत माँ का , असली रंग दिखाओ तुम
पुलवामा की आग के बदले , ऐसी आग लगा देना
हर जर्रा नापाक जमीं का , अब तो यार जला देना
प्रहलाद सागर


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