अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय नेतृत्व के आव्हान पर रविवार को प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर में हो रही गड़बड़ी को लेकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा ।
3 अप्रैल को आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि यह एक अत्यंत गंभीर जनहित के विषय से जुड़ा मामला है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता के साथ व्यापक स्तर पर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। प्रदेश के लाखों उपभोक्ता मनमाने बिजली बिल, गलत रीडिंग, अत्यधिक दी और तकनीकी खामियों के कारण परेशान है, जिससे जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है ।प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पारदर्शिता और सुविधा देने के बजाय जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। आम उपभोक्ताओं की शिकायत है कि जहां पहले लगभग ₹1500 तक का बिजली बिल आता था, वहीं अब वही बिल बढ़कर ₹6000-7000 तक पहुंच रहा है। प्रीपेड मीटर व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को अग्रिम भुगतान करने के बावजूद 10-12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जो इस पूरी प्रणाली की विफलता को दर्शाता है। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लगाए गए लगभग 80 लाख स्मार्ट मीटरों में से करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर है, जिनके माध्यम से आम जनता पर जबरन आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इन मीटरों की कार्यप्रणाली, रीडिंग की सटीकता और बिलिंग प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि यह व्यवस्था पारदर्शी होने के बजाय उपभोक्ताओं के शोषण का माध्यम बन गई है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में नलकूपों (ट्यूबवेल) पर भी सरकार द्वारा 4G सिम-आधारित स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू की गई है। लेकिन स्मार्ट मीटर से अत्यधिक बिजली बिल आने और कनेक्टिविटी संबंधी समस्याओं के कारण किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी के चलते मीटर की कार्यप्रणाली बाधित होती है, जिससे न केवल सिंचाई प्रभावित हो रही है बल्कि किसानों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। यह स्थिति कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक है और सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा एवं किसानों की आजीविका को प्रभावित कर रही है। भीषण गर्मी के इस दौर में एक ओर जहां बिजली कटौती में लोग परेशान है, वहीं दूसरी ओर प्रीपेड स्मार्ट मीटर की खामियों ने आम नागरिकों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। यह स्थिति उपभोक्ता के जीवन स्तर दैनिक आवश्यकताओं और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर रही है। पत्र में कहां गया है कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि इतनी बड़ी योजना को लागू करने से पूर्व न तो पर्याप्त जन जागरूकता अभियान चलाया गया और न ही किसी स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन को सार्वजनिक किया गया । बिना पारदर्शिता और जवाबदेही के इस प्रकार की व्यवस्था को लागू करना उपभोक्ताओं के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इन्हीं गंभीर मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश द्वारा 03 मई 2026 को प्रदेश के सभी जिला विद्युत उपकेन्द्रों पर जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया । इस दौरान जिला विद्युत उपकेंद्रों पर स्मार्ट मीटर की प्रतिकात्मक तस्वीर लगाकर इस जनविरोधी व्यवस्था के खिलाफ जन आक्रोश दर्ज कराया गया तथा राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया । ज्ञापन में मांग किया गया है कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही इस खुली लूट को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, स्मार्ट मीटर परियोजना की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों एवं संबंधित कंपनियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाई सुनिश्चित की जाए तथा आम उपभोक्ताओं एवं किसानों को राहत प्रदान करने हेतु और न्यायसंगत व्यवस्था लागू की जाए। ज्ञापन देते समय जिला प्रभारी अंजनी श्रीवास्तव, जयप्रकाश पाण्डेय, अरविंद कुमार, मनीष शुक्ला, उत्कर्ष शुक्ला, शिवकुमार वर्मा, अशोक कुमार मिश्रा, प्रमोद यादव, रमेश वर्मा व प्रदीप साहू सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
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