पन्द्रह बीघे गेहूं की फसल हुई राख, मोतीगंज के दिनारा गांव की घटना
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई जिससे करीब 15 बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। अपनी फसल को धू-धू कर जलते देखकर गरीब किसान का कलेजा मुंह को आ गया। ऐसे लगा कि जैसे उसका सब कुछ लुट गया। खुद को बर्बाद होता देखकर किसान खेत में खड़े गेहूं की जलती लपटों में कूदकर आत्महत्या करना चाहता था लेकिन ऐन वक्त पर पहुंची डायल 100 की टीम ने उसे बचा लिया।
यह दर्दनाक घटना जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के दिनारा गांव की है। बताया जाता है कि इस गांव के निवासी राधेश्याम तिवारी पुत्र राम अचल तिवारी के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आगकी लपटों ने करीब 15 बीघे गेहूं की खड़ी फसल को अपने आगोश में ले लिया। गेहूं की फसल बचाने के लिए गांव वाले दौड़े लेकिन तेज हवा चलने के कारण उस पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम रहे। देखते ही देखते पन्द्रह बीघे गेहूं की फसल जलकर राख में तब्दील हो गई।
इस बीच सूचना पाकर डायल 100 पीआरवी 0873 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उसने भी आग पर काबू पाने के लाख जतन किए लेकिन सब बेकार गया। इस दौरान किसान अपनी जलती फसल को देखकर टूट सा गया। वह रोते हुए जलती आग में कूदकर जाने देने की कोशिश करने लगा जिसे डायल 100 टीम के प्रभारी कांस्टेबल इन्द्रपाल सिंह, कांस्टेबल रमेश यादव व चालक एचजी माता प्रसाद मिश्र ने तत्परता दिखाते हुए पकड़ लिया, अन्यथा एक और बड़ी अनहोनी हो जाती।
डायल 100 टीम तथा गांव वालों ने पीड़ित किसान को समझाया बुझाया। बताते हैं कि गेहूं की फसल जल जाने के बाद अब राधेश्याम के सामने परिवार की जीविका का संकट खड़ा हो गया है।


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