सीओ के समझाने पर ग्रामीण माने
दो दिन के अल्टीमेटम पुलिस को ग्रामीणो ने दिया
आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। मेंहदावल थाना क्षेत्र के ग्रामपंचायत जमोहरा में बीते दिनों दो पक्षो के आपसी विवाद में जमकर लाठी चली। जिसमे दोनों पक्षों के लोगो को चोट भी आयी थी। जिसमे एक युवक दीनानाथ पुत्र ठाकुर को गम्भीर रूप से चोट भी लगी थी। जिसे मेंहदावल अस्पताल से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। जहां पर घायल की हालात को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया था। घायल को लखनऊ ले जाते वक्त ही रास्ते मे मृत्यु हो गई।
पूर्व में दिए गए तहरीर पर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसपर मृत युवक के परिजनों सहित सैकड़ों ग्रामीणो ने इस बाबत कोई भी कार्यवाही नही होने पर सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। जिससे सभी तरह के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो गई। जब इस बात की जानकारी मेंहदावल पुलिस को हुई तो दर्जनों हमराहियों के साथ मौके पर पहुचे और मामले को शांत करने का प्रयास किया लेकिन सफलता नही मिल पायी। जिसपर मेंहदावल सीएचसी के पास पूरीतरह से जाम की स्थिति बन गया। रोष से लबरेज ग्रामीणो द्वारा जमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी किया गया।
पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणो ने बताया कि मेंहदावल थानाध्यक्ष द्वारा इस मामले में लापरवाही किया जा रहा है। आरोपियो के गिरफ्तार करने के बजाय मामले को हल्का किया जा रहा है। जिससे हम लोगो ने सड़क पर उतरकर न्याय की मांग किया गया। सैकड़ो की संख्या में आये ग्रामीणो ने प्रधान और कोटेदार पर भी अपने गुस्से का इजहार करते हुए गिरफ्तारी की मांग किया गया।
करीब दस बजे से सड़क मार्ग को अवरोध की खबर जब मेंहदावल क्षेत्राधिकारी गयादत्त मिश्र को हुई तो उनके द्वारा नाराज ग्रामीणो को मनाने का भरपूर प्रयास किया गया। लेकिन ग्रामीण पूरी तरह से अपने बातो के बाबत अडिग थे। एसओ कपिलमुनि सिंह और सीओ काफी प्रयास के बाद ग्रामीणो ने अपने रुख में नमी लाते हुए प्रशासन से मांग किया कि आरोपी को शीघ्रता से गिरफ्तार कर विधिसम्मत कार्यवाही किया जाए।
जिस बाबत मृतक के पिता ठाकुर पुत्र सीताराम द्वारा एक प्रार्थना पत्र भी दिया गया जिसमें यह बताया गया कि ग्रामपंचायत में मारपीट में मुख्य रूप से ग्रामपंचायत निवासी संजय पुत्र रामनाथ, ग्रामप्रधान रविशंकर पुत्र कपिलदेव, महेश पुत्र अज्ञात ने मेरे बच्चे को साजिश के तहत मरवा दिया गया। जिसके बाद हम लोगो ने पुलिस से न्याय की उम्मीद रही। लेकिन आरोपियों द्वारा हमे और हमारे परिजनों पर सुलह का दबाव बनाया जा रहा है। इनके द्वारा कहा गया कि सुलह नही करोगे तो फर्जी मुकदमे में फंसा देंगे।
अगर सुलह नही करोगे तो तुमको और तुम्हारे परिवार को गांव में रहने नही दिया जाएगा। मेरे साथ हुए अन्याय के खिलाफ पूरे ग्रामसभा के ग्रामीण मेरे साथ है। इस तरह से पीड़ित ने अपनी बातो को प्रार्थना पत्र के माध्यम से सीओ को देते हुए कार्यवाही की मांग किया गया और इसके बाद सीओ के निर्देश पर पुलिस विभाग द्वारा आरोपियों के खोजबीन का सिलसिला तेज हो गया। ग्रामीणो के द्वारा भी पुलिस प्रशासन को तीन दिन का समय दिया गया है।
इस सड़क मार्ग को खत्म करवाने में पुलिस विभाग के चौकी प्रभारी बनकसिया शैलेन्द्र शुक्ला एसआई लल्लन यादव, कैलाश यादव, सिपाही अभिषेक सिंह आदि अनेको पुलिस के जवान शामिल रहे।



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